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प्यार हुआ इकरार हुआ…जानिए किसने लिखा था राज कपूर-नरगिस का ये गाना, सदमे से हुई थी गीतकार की मौत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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राज कपूर और नरगिस के करियर का सबसे हिट गाना ‘प्यार हुआ इकरार हुआ’ आज भी रोमांस को परिभाषित करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस गाने को किस गीतकार ने लिखा था?

साल 1955 में राज कपूर और नरगिस की फिल्म ‘श्री 420’ रिलीज हुई थी। इस फिल्म में दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई। राज कपूर और नरगिस को उस दौर का स्टार बना दिया। फिल्म की कहानी एक गरीब लड़के की थी जिसमें राज कपूर ने ऐसी जान डाल दी कि उनका अंदाज घर-घर मशहूर हो गया था। फिल्म की कहानी के साथ इसके म्यूजिक ने ऑडियंस के दिलों में अलग जगह बनाई। इस फिल्म में रोमांटिक गानों की भरमार थी। फिल्म का गाना ‘प्यार हुआ इकरार हुआ’ आज भी आइकॉनिक गाना माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस आइकॉनिक गाने को किस गीतकार ने लिखा था?

जानिए किसने लिखा प्यार हुआ इकरार हुआ

राज कपूर का एक शख्स के साथ खास कनेक्शन था। इस शख्स के साथ एक्टर 40 के दशक से थे। दोनों ने कई यादगार फिल्मों में काम किया। ये शख्स गाने लिखता और उन गानों से राज कपूर को दुनियाभर में नई पहचान मिलती। राज कपूर की करियर के सबसे हिट गाने ‘मेरा जूता है जापानी है’, ‘आवारा हूं’, ‘जीना इसी का नाम है’, ‘सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी’, ‘दिल का हाल सुने दिलवाला’, ‘जाने कहां गए वो दिन’ जैसे यादगार गाने दिए। इस खास शख्स का नाम था शैलेंद्र। वो शैलेंद्र ही थे जिन्होंने फिल्म श्री 420 का गाना ‘प्यार हुआ इकरार हुआ’ लिखा था।

शैलेंद्र का लिखा बेस्ट गाना

आज भी गूगल करके देख सकते हैं हिंदी सिनेमा के इतिहास के बेस्ट गानों ली लिस्ट में राज कपूर और नरगिस का ये गाना भी शामिल है। गाने में प्यार, बारिश, छतरी और दो कलाकारों को रोमांस करते दिखाया गया था। 1955 के दौर में रोमांस ऐसे ही होता था। एक दूसरे के साथ बारिश में भीग लेने से, दूर से देख लेने से और साथ छतरी में चलने से। आज रोमांस की परिभाषा बेशक बदल गई है। लेकिन कुछ भाव गानों के साथ हमेशा के लिए जुड़े रहते हैं।

भोजपुरी गीतों को दी पहचान

गीतकार शैलेंद्र की बात करें तो गुलजार उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे बेतरीन गीतकार मानते आए हैं। उन्होंने अपने लिखे गीतों से प्यार, समाज, दर्द को आसान शब्दों में बयां किया। शैलेंद्र का जन्म बेशक पाकिस्तान के रावलपिंडी में हुआ था लेकिन उनके पुरखों का कनेक्शन बिहार के आरा से था। इसलिए उनके कई गानों में भोजपुरी के शब्दों का इस्तेमाल दिखता है। उन्होंने पहला भोजपुरी गीत भी लिखा था।

शैलेंद्र की मौत

शैलेंद्र के जीवन में राज कपूर जैसा दोस्त और दुनिया भर से उनके लिखे गीतों को मिल रही तारीफ थी। फिर उन्होंने एक फिल्म प्रोड्यूस करने का मन बनाया। दोस्त राज कपूर ने फिल्म में लीड रोल निभाया। इस फिल्म का नाम था तीसरी कसम। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई। ऐसा कहा जाता है कि शैलेंद्र ने इस फिल्म पर अपनी सारी सेविंग लगा दी थी। लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई और शैलेंद्र सदमे में डूब गए। कुछ ही महीनों बाद उनका निधन हो गया। हैरान वाली बात ये है कि जिस फिल्म की वजह से वो सदमे में डूबे थे उसी फिल्म ने अगले साल नेशनल अवॉर्ड जीता था। इससे पहले शैलेंद्र इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN