Source :- LIVE HINDUSTAN
बच्चे के जन्म से पहले कुछ सुकून भरे पल साथ बिताने के लिए आजकल कई कपल्स बेबीमून पर जा रहे हैं। अगर आप भी प्रेग्नेंसी में ट्रैवल की योजना बना रहे हैं, तो पहले जान लें कि घूमने का सही समय क्या है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
बच्चे के जन्म के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। रातों की नींद, दिनभर की जिम्मेदारियां और नन्हे मेहमान की देखभाल के बीच कई बार कपल्स को एक-दूसरे के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। शायद यही वजह है कि आजकल ‘बेबीमून’ का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पर आपने भी कई होने वाले माता-पिता को पहाड़ों, समुद्र किनारे या किसी शांत जगह पर छुट्टियां मनाते देखा होगा। बेबीमून सिर्फ घूमने-फिरने का नाम नहीं है, बल्कि यह बच्चे के आने से पहले अपने साथी के साथ कुछ खास और यादगार पल बिताने का मौका भी है। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान की गई यात्रा में उत्साह के साथ-साथ सावधानी भी उतनी ही जरूरी होती है।
क्या होता है बेबीमून?
बेबीमून एक छोटी और कंफर्टेबल ट्रिप होती है, जिस पर होने वाले माता-पिता बच्चे के जन्म से पहले जाते हैं। इसे ऐसे समझिए जैसे शादी के बाद लोग हनीमून पर जाते हैं, उसी तरह बच्चे के आने से पहले की यह खास छुट्टी बेबीमून कहलाती है।
बेबीमून इतना लोकप्रिय क्यों हो रहा है?
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कपल्स को एक-दूसरे के साथ समय बिताने का मौका कम मिलता है। ऐसे में बेबीमून उन्हें कुछ दिन तनाव से दूर, आराम और सुकून के साथ बिताने का मौका देता है। इसके अलावा, यह बच्चे के आने से पहले खूबसूरत यादें संजोने का भी एक जरिया बन गया है।
प्रेग्नेंसी में घूमने का सबसे सही समय कौन-सा है?
- स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर वैदेही मराठे के अनुसार, गर्भावस्था का दूसरा चरण (Second Trimester) यात्रा के लिए सबसे सेफ माना जाता है। यह समय आमतौर पर चौथे महीने से छठे महीने के बीच का होता है।
- इस दौरान शुरुआती महीनों की उल्टी, कमजोरी और थकान काफी कम हो जाती है। साथ ही, प्रसव का समय भी अभी दूर होता है। डॉक्टर सलाह देती हैं कि डिलीवरी की तारीख के बहुत करीब यात्रा करने से बचना चाहिए।
बेबीमून- सफर के लिए खास टिप्स
- जगह का चुनाव: छुट्टियों के लिए ऐसी जगह चुनें, जहां जरूरत पड़ने पर अस्पताल आसानी से मिल सके।
- शरीर में पानी की कमी ना होने दें: यात्रा के दौरान भरपूर पानी पिएं और समय पर हेल्दी डाइट लें।
- ज्यादा रोमांच वाली गतिविधियों से बचें: ऊंचाई से कूदना, घुड़सवारी या ऐसी गतिविधियां जिनमें गिरने का खतरा हो, उनसे दूरी बनाएं।
- बीच-बीच में आराम करते रहें: लंबी यात्रा के दौरान हर कुछ घंटे में रुकें, थोड़ा टहलें और शरीर को आराम दें।
- जरूरी दवाइयां रखें: अपनी सभी दवाइयां, जांच रिपोर्ट और गर्भावस्था से जुड़े दस्तावेज साथ रखें।
- आरामदायक कपड़े और जूते पहनें: ढीले कपड़े और आरामदायक जूते यात्रा को आसान बनाते हैं।
- अपने शरीर की सुनें: अगर थकान, दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो, तो तुरंत आराम करें। खुद पर ज्यादा दबाव ना डालें।
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। प्रेग्नेंसी के दौरान ट्रिप प्लानिंग करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हर महिला की प्रेग्नेंसी और हेल्थ कंडीशन अलग होती है, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले डॉक्टर की राय जरूरी है।
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