Source :- LIVE HINDUSTAN
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में चल रहे दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम पर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि अगर वह चाहें, तो एक हमले में ईरान की बाकी बची लीडरशिप को खत्म कर सकते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं करेंगे।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर नया बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर वह चाहें तो एक हमले में ईरान की बाकी बची लीडरशिप को खत्म कर सकते हैं। लेकिन वह ऐसा करेंगे नहीं क्योंकि वह ईरान के साथ बात करना चाहते हैं। इतना ही नहीं ट्रंप खामेनेई के सामने लोगों के रोने पर तंज कसते हुए कहा कि ‘शायद यह फर्जी आंसू हैं।’ बता दें, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच शांति समझौता काफी हद तक लागू हो गया है। 4 जुलाई से ईरान में दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इन कार्यक्रमों में एक छत के नीचे ईरान की लगभग पूरी लीडरशिप इकट्ठा होगी।
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने इस अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, “वह सभी (ईरान की बाकी बची लीडरशिप) वहां होगी। मैं चाहूं, तो एक हमला और सब को खत्म कर सकता हूं। लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे। क्योंकि हम ईरान के साथ बात करना चाहते हैं। अगर वह खत्म हो जाएंगे, तो हम बात किससे करेंगे?”
‘शायद यह फर्जी आंसू हैं’- खामेनेई के जनाजे को लेकर ट्रंप
ईरान में हाल ही में पहली बार दिवंगत नेता खामेनेई का जनाजा रखा गया था। कई देशों के लोगों ने वहां जाकर श्रद्धांजलि दी थी। लोग रो भी रहे थे। ट्रंप ने लोगों के इसी रोने को लेकर भी बयान दिया है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता था कि लोगों को खामेनेई से नफरत है। शायद यह फर्जी आंसू हों” ट्रंप के इस बयान पर अर्मेनिया स्थिति ईरान एम्बेसी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर जवाब दिया। इस पोस्ट में लिखा गया कि ‘आप (ट्रंप) इन चीजों को नहीं समझ सकते क्योंकि आपके पास न तो सभ्यता है, न इतिहास है और न ही सम्मान है।’
ईरान ने अंतिम संस्कार कार्यक्रम से पहले दी थी चेतावनी
अमेरिका और इजरायल से युद्ध लड़ चुके ईरान को भी इस कार्यक्रम पर हमले का डर है। इसमें करोड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में अगर हमला होता है, तो कई जानें जा सकती है। इसी वजह से ईरान ने पहले ही इस कार्यक्रम पर हमला करने के खिलाफ अपनी चेतावनी जारी कर दी है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि अगर हमला होता है, तो इसका जवाब दिया जाएगा। बयान में कहा, “हम ईरान के दुश्मनों, खासकर अमेरिका और जियोनिस्ट रिजीम (इजरायल) को किसी भी तरह के हमले के खिलाफ चेतावनी देते हैं। अगर ऐसा होता है, तो तीखा जवाब दिया जाएगा।”
खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटेगी करोड़ों की भीड़
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर केवल उस देश के ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मौजूद शिया समुदाय के नेता थे। ऐसे में उनके अंतिम संस्कार में भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। ईरान सरकार ने भी इसके लिए तैयारियां कर ली हैं, लेकिन इसके बाद भी अंदेशा लगाया जा रहा है कि इसमें हजारों लोगों की जानें जा सकती है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, तकरीबन 3000 लोगों के मारे जाने की आशंका है। क्योंकि इतनी बड़ी भीड़ को संभालना आसान नहीं है। 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमले में मारे गए खामेनेई करीब चार दिन चलेगा। अंतिम दिन 9 जुलाई उन्हें गृहनगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
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