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‘फैसला लेना बेहद आसान…’ ईरान पर हमले को लेकर नेतन्याहू का UNGA में बड़ा दावा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भाषण शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर निकल गए। नेतन्याहू ने इन प्रतिनिधियों को नैतिक कायर कहा।

न्यूयॉर्क के संयुक्त राष्ट्र महासभा ( UNGA) में गुरुवार बड़ा नाटक देखने को मिला। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, तो बड़ी संख्या में प्रतिनिधि सदन से बाहर निकल गए। नेतन्याहू ने इन्हें नैतिक कायर कहा और साफ कहा कि ईरान पर हमला उनके सबसे आसान फैसलों में से एक था। दरअसल, नेतन्याहू मंच की ओर बढ़े तो सदन में तालियां और हुंकार, दोनों गूंजीं। कुछ प्रतिनिधि खड़े होकर ताली बजा रहे थे, तो कई प्रतिनिधि एक साथ उठकर बाहर चले गए। इसके बाद महासभा की ज्यादातर सीटें खाली दिखने लगीं। महासभा अध्यक्ष खलील उर रहमान बार-बार कह रहे थे कि कृपया सदन में व्यवस्था बनाए रखें। नेतन्याहू ने भाषण शुरू करने से पहले कहा कि अगर कोई और नैतिक कायर अभी इस सदन में है, जो बाहर नहीं गया है, तो वह भी अभी चला जाए।

फिलिस्तीनी मिशन की अपील पर हुआ वॉकआउट

संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में फिलिस्तीनी मिशन ने पहले से अपील की थी कि ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधि महासभा कक्ष में आएं और नेतन्याहू का नाम पुकारे जाते ही सब एक साथ बाहर निकल जाएं। मिशन का कहना था कि इससे साफ संदेश जाएगा कि कोई भी इजरायल की कार्रवाई का साथ नहीं दे रहा। नेतन्याहू ने इस वॉकआउट पर कहा कि इजरायल सिर्फ अपनी रक्षा नहीं कर रहा। वह उन कई देशों की भी रक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि अभी-अभी हॉल से बाहर गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से कई देशों के नेता निजी तौर पर हमें धन्यवाद देते हैं कि हमने ईरान के परमाणु ठिकाने नष्ट किए। उन्होंने इसे ‘दिमाग हिला देने वाला पाखंड’ बताया।

ईरान हमले पर नेतन्याहू का दावा

नेतन्याहू ने याद दिलाया कि 14 साल पहले उन्होंने इसी मंच से लाल रेखा खींची थी। तब उन्होंने कहा था कि ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमने वही किया। उन्होंने आगे कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करना बहुत मुश्किल काम था। लेकिन मेरे लिए यह सबसे आसान फैसलों में से एक था। अगर हम यह नहीं करते, तो हम सब मर जाते।

नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल न्यू जर्सी जितने छोटे देश के बराबर है, फिर भी वह सात मोर्चों पर लड़ रहा है। उन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के हमले का भी जिक्र किया, जिसमें करीब 1200 लोग मारे गए थे और कई बंधक बनाए गए थे। उन्होंने हमास, हिजबुल्ला और ईरान से जुड़े अन्य समूहों के खिलाफ कार्रवाई का बचाव किया। भाषण में उन्होंने पुराना पेजर भी दिखाया और हिजबुल्ला पर 2024 के पेजर हमले का इशारा किया।

इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा किया और कहा कि इजरायल ‘बर्बर ताकतों’ के खिलाफ लड़ाई में खड़ा है। गाजा में नरसंहार के आरोपों को उन्होंने ‘सदी का सबसे बड़ा झूठ’ बताया। इजरायल इन आरोपों से इनकार करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN