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इस हिंसा में कम से कम दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कई नाबालिग शामिल हैं।
इटली की आर्थिक राजधानी मिलान का प्रसिद्ध पियाजा डेल डुओमो और लग्जरी शॉपिंग आर्केड शनिवार को भीषण दंगे और उपद्रव का अखाड़ा बन गया। बढ़ती महंगाई और युद्धों के विरोध में आयोजित एक रैली के दौरान नकाबपोश उपद्रवियों ने भारी हिंसा, आगजनी और दुकानों में लूटपाट की, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
इटली की न्यूज एजेंसी LaPresse के अनुसार, इस हिंसा में कम से कम दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें कई नाबालिग शामिल हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन से भड़की हिंसा: कैराबिनेरी की गाड़ी फूंकी
शनिवार दोपहर मिलान के मध्य क्षेत्र में शुरू हुआ मार्च शुरुआत में शांतिपूर्ण था। लेकिन अचानक चेहरे पर नकाब पहने उपद्रवियों के एक गुट ने कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में ले लिया।
उपद्रवियों ने सड़कों के पेविंग ब्लॉक्स (सड़क के पत्थर) उखाड़कर और रेस्टोरेंट-कैफे की मेजों-कुर्सियों से बैरिकेड बनाकर उनमें आग लगा दी। दंगा रोधी पुलिस पर पत्थर और धारदार वस्तुएं फेंकी गईं।
घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में इटली की सैन्य पुलिस की एक पेट्रोलिंग गाड़ी पूरी तरह से जली और क्षतिग्रस्त अवस्था में दिखाई दी।
आमतौर पर वीकेंड पर खरीदारों और पर्यटकों से गुलजार रहने वाले लग्जरी आर्केड में उपद्रवियों ने कई शोरूम और दुकानों के शीशे तोड़कर लूटपाट की।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और मेयर का कड़ा रुख
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर इस हिंसा की सख्त शब्दों में निंदा की।
उन्होंने कहा, “विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों को आग के हवाले करना कोई अधिकार नहीं है। यह उन उपद्रवियों का काम है जो अराजकता फैलाने, सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने और पूरे शहरों को बंधक बनाने के लिए प्रदर्शनों का ढोंग रचते हैं।”
मिलान के सेंटर-लेफ्ट मेयर ग्यूसेप साला ने कहा कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन के खर्च पर जनता का गुस्सा और विरोध के कारण समझ में आते हैं, लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर हमला करना और शहर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
फ्रांस में भी भड़की हिंसा
मिलान में हुआ यह उपद्रव पड़ोसी देश फ्रांस में फैली राष्ट्रव्यापी अशांति के साथ ही देखने को मिला है। फ्रांस में भी बढ़ती महंगाई, जीवन-यापन के खर्च और हाई स्कूल छात्रों की मांगों के समर्थन में रैलियां निकाली गईं, जहां उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फ्रांसीसी पुलिस को भी पानी की बौछारें और आंसू गैस छोड़नी पड़ी।
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