Source :- LIVE HINDUSTAN
बांग्लादेश बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। पिछले कुछ दिनों से बैंक के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर ग्राहकों के एक वर्ग की ओर से लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे।
बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक ने देश के सबसे बड़े इस्लामी वित्तीय संस्थानों में से एक इस्लामी बैंक बांग्लादेश के निदेशक मंडल को भंग कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब बैंक के मैनेजमेंट और अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद व ग्राहकों के विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे थे। बांग्लादेश बैंक ने घोषणा की कि जमाकर्ताओं और जनहित की रक्षा के लिए बैंक के अध्यक्ष समेत सभी निदेशकों की नियुक्तियां रद्द की जा रही हैं। साथ ही केंद्रीय बैंक के कार्यकारी निदेशक मोहम्मद जाहिर हुसैन को बैंक के संचालन और निदेशक मंडल की सभी शक्तियों का दायित्व सौंपा गया है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार यह व्यवस्था अगली सूचना तक जारी रहेगी। हाल के दिनों में बैंक के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर ग्राहकों के एक समूह ने लगातार प्रदर्शन किए थे। सचेतन ग्राहक फोरम नामक संगठन ने अध्यक्ष को हटाने सहित 7 सूत्री मांगें रखी थीं। इस मुद्दे ने संसद तक में बहस छेड़ दी थी और सरकार व विपक्षी सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बैंक के स्वामित्व परिवर्तन और प्रबंधन से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
लिक्विडिटी क्राइसिस से भी जूझ रहा बैंक
बैंक इस समय लिक्विडिटी क्राइसिस से भी जूझ रहा है। हालात संभालने के लिए बांग्लादेश बैंक ने उसे 25 अरब टका का विशेष ऋण उपलब्ध कराया है। इस सहायता के बाद बैंक की चेक-क्लियरिंग सेवाओं को सामान्य बनाने में मदद मिली है। कार्यवाहक प्रबंध निदेशक अल्ताफ हुसैन ने कहा कि पिछले दो दिनों में जमा और निकासी लगभग बराबर रही है। ग्राहकों को धन निकालने में आ रही दिक्कतें जल्द कम हो जाएंगी। बैंक मैनेजमेंट का दावा है कि सेवाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस संकट की जड़ें पिछले कुछ वर्षों की घटनाओं से जुड़ी हैं। वर्ष 2017 में एस आलम ग्रुप ने प्रत्यक्ष और परोक्ष शेयर खरीद के जरिए बैंक पर नियंत्रण हासिल कर लिया था। अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले जनआंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार के पतन के पश्चात बैंक उस समूह के नियंत्रण से बाहर आया और तब से बांग्लादेश बैंक की ओर से नियुक्त प्रतिनिधि इसके संचालन की निगरानी कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार बैंक के कुल ऋण पोर्टफोलियो का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा वर्तमान में NPA कैटेगरी में है, जो उसकी वित्तीय स्थिति के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।
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