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भारत के 10 ऐसे गांव! जो अपनी अजीब खासियत की वजह से मशहूर हैं

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Source :- LIVE HINDUSTAN

10 Unique Village in India: भारत के गांव केवल खेती-बाड़ी के लिए ही नही हैं बल्कि इन गांवों में समृद्ध भारत की पहचान भी छुपी है। जैसे की ये 10 गांव जो अपनी विशेष बातों की वजह से पॉपुलर हैं, क्या आप जानते हैं?

भारत का कोना-कोना खास है। यहां के नदी, पहाड़, झरने और वादियां ही नहीं बल्कि गांव भी अपनी अलग खासियत रखते हैं। वैसे तो हर शहर के आसपास गांव मिल जाएंगे। लेकिन कुछ गांव अपनी अजीब मान्यताओं और खासियत की वजह से पॉपुलर हैं। इनमे से 10 गांवों की जानकारी यहां हम दे रहे जो अलग-अलग कारणों और खासियत की वजह से बाकी गांवों से बिल्कुल अलग और खास है।

कोदिन्ही गांव

केरल का छोटा सा गांव जहां पर जुड़वां बच्चों की तादाद काफी ज्यादा है। इस छोटे से गांव में करीब 200 से ज्यादा जुड़वा जोड़े रहते हैं। केरल के मलप्पुरम जिले में बसा ये गांव अपने अनोखेपन की वजह से फेमस है और इस गांव में साइंटिस्ट भी रिसर्च कर चुके हैं क्योंकि यहां ज्यादातर बच्चे जुड़वा ही पैदा होते हैं।

मावलिननान्ग गांव

मेघालय का ये गांव एशिया का सबसे साफ-सुथरा गांव माना जाता है। यहां पर गंदगी, प्लास्टिक और कचरे पर पूरी तरह से बैन है।

हिवारे बाजार

महाराष्ट्र का ये गांव अपने पैसे रुपयों के लिए जाना जाता है। यहां पर करीप 60 से भी ज्यादा करोड़पति किसान रहते हैं। जिन्होंने खेती-बारी से संपत्ति बनाई है।

शेतफल गांव

महाराष्ट्र के शोलापुर जिले का शेतफल गांव अपनी अनोखी पहचान रखता है। यहां पर इंसान और कोबरा सांप एक साथ रहते हैं। कोबरा सांपों को परिवार के सदस्य की तरह पाला जाता है। घरों में इन के रहने के लिए विशेष स्थान दिया जाता है।

मलाना गांव

हिमाचल प्रदेश का ये गांव अपने पूर्वजों की वजह से फेमस है। यहां पर रहने वाले गांव वासी खुद को सिकंदर का वंशज मानते हैं और अपनी परंपराओं का सख्ती से पालन करते हैं।

छप्पर गांव

छप्पर गांव हरियाणा में बना है। यहां पर बेटियों को खास सम्मान दिया जाता है। घर के बाहर बेटी के नाम की नेमप्लेट लगाई जाती है।

पिपलांत्री गांव

पिपलांत्री गांव पर्यावरण की सुरक्षा के लिए फेमस है। यहां पर बेटी के जन्म के वक्त पूरा गांव मिलकर 11 पेड़ लगाता है। राजस्थान के राजसमंद जिले के पिपलांत्री गांव की ये अनूठी परंपरा काफी समय से चली आ रही है।

कोंगटहोंक गांव

मेघालय का ये गांव बिल्कुल जुदा है। यहां पर मां अपने बच्चे का नाम नहीं बुलाती बल्कि खास तरह की धुन बनाती है। इसी धुन से वो अपने बच्चे को बुलाती है और वहीं धुन उसकी पहचान माना जाता है।

माराजपुर गांव

गुजरात का ये गांव अपने डिजिटली डेवलप होने की वजह से फेमस है। यहां पर टेक्नोलोजी का इस्तेमाल काफी स्मार्टली होता है। वाई फाई का यूज होता है और लोग टेक्नोलॉजी में आगे हैं।

मत्तूर गांव

कर्नाटक का ये गांव अपने खास तरह की भाषा के लिए मशहूर है। कहा जाता है कि यहां पर आज भी काफी सारे लोग आपस में संस्कृत में बात करते हैं। कर्नाटक से 300 किमी दूर तुंग नदी के किनारे बसा ये गांव अपनी संस्कृत भाषा के लिए मशहूर है। इस गांव के लोगों को संस्कृत बहुत ही अच्छी तरह से आती है और यहां पर लगे दिवारों पर चित्र भी संस्कृत में लिखे होते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN