Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी सांसद इल्हान उमर एक बार फिर चुनाव में विजयी रहीं हैं। उनकी इस जीत को रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार उनपर निशाना साध रहे थे। उमर खुलकर भारत के खिलाफ भी बयान दे चुकी हैं।
अमेरिकी सांसद इल्हान उमर को लगातार पांचवीं बार चुनाव में जीत हासिल हुई है। उन्होंने डेमोक्रेट उम्मीदवार के तौर पर मिनेसोटा के 5वीं कांग्रेशनल डिस्ट्रिक्ट से चुनाव जीता है। खास बात है कि इल्हान उमर लगातार भारत के खिलाफ बयान देती रहीं हैं। वहीं, वह हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भी निशान पर आ गईं थीं। इस नतीजे को रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
चुनाव में इल्हान उमर ने रिपब्लिकन पार्टी के जॉन नेगल को हराया है। उन्होंने 76 फीसदी से ज्यादा कुल वोट मिले हैं। उनके खाते में कुल 2 लाख 63 हजार 166 वोट आए। जबकि नेगल को महज 55 हजार 805 वोट ही मिल सके। तीसरे स्थान पर निर्दलीय डीविल एल जैक्सन रहे। उन्हें 34 जार 215 वोट मिले थे। फिलहाल, मतगणना जारी है और रिपब्लिकन को दोनों सदनों में झटका लगा है।
जांच के बीच जीता चुनाव
खास बात है कि उमर के खिलाफ अक्टूबर की शुरुआत में जांच शुरू हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने वॉशिंगटन डीसी स्थित उमर के घर की तलाशी ली थी। कुछ अधिकारियों ने यह भी कहा था कि जांच उनके इमिग्रेशन हिस्ट्री को लेकर भी चल रही है। हालांकि, उमर ने इससे इनकार किया था और जांच पर सवाल उठाए थे।
भारत के खिलाफ देती रहीं हैं बयान
23 जून 2023 को उमर के दफ्तर की तरफ से बयान जारी किया गया था, जिसमें भारत में धार्मिक आजादी पर सवाल उठाए थे। प्रेस रिलीज में कहा गया था कि इल्हान उमर ने, ‘आज एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के हनन की निंदा की गई है। इसमें मुसलमानों, ईसाइयों, यहूदियों, सिखों, दलितों, आदिवासियों और अन्य धार्मिक व सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने के मामले भी शामिल हैं।’
आगे कहा गया, ‘हाल के वर्षों में, भारत सरकार ने मुसलमानों, ईसाइयों, सिखों, दलितों और अन्य समूहों के खिलाफ दमनकारी नीतियां तेज कर दी हैं, जिसमें इंटरनेट बंद करना, बोलने की आजादी को दबाना, पत्रकारों को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में लेना और भीड़ की हिंसा जैसी घटनाएं शामिल हैं। अमेरिका को भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ उचित व्यवहार के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।’
साथ ही मांग की गई थी कि, ‘ब समय आ गया है कि विदेश मंत्रालय भारत की स्थिति की सच्चाई को माने और इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम एक्ट के तहत भारत को आधिकारिक रूप से Country of Particular Concern वाला देश घोषित करे।’
कश्मीर मुद्दे पर भी उठाए सवाल
अप्रैल 2022 में उमर ने कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका में उचित स्तर पर बात नहीं हो रही है। साथ ही कहा था कि हालात बदलेंगे। खास बात है कि तब वह पाकिस्तान के दौरे पर थीं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उमर ने कहा था कि उनकी इस यात्रा से कश्मीर मुद्दे पर आने वाले समय में चर्चा के और भी रास्ते खुलेंगे।
भारत ने दिया था जवाब
तब भारत ने इसे लेकर इल्हान उमर को जवाब दिया था। विदेश मंत्रालय के तत्कालीन प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था, ‘हमने देखा है कि उन्होंने जम्मू और कश्मीर के उस हिस्से का दौरा किया है, जिसपर पाकिस्तान ने गैर कानूनी रूप से कब्जा किया हुआ है। मैं कहता हूं कि अगर कोई ऐसी राजनेता अपनी छोटी सोच की राजनीति करना चाहती हैं…, तो यह उनका निजी मामला हो सकता है।’
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