Source :- LIVE HINDUSTAN

भूकंप का केंद्र भूटान के पुणखा में स्थित था, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर में है। उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और बांग्लादेश में भी झटके महसूस किए गए। कई इंटरनेट यूजर्स ने सोशल मीडिया पर क्षेत्र में भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की।

भूटान में रविवार रात को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.6 की थी। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर बताई गई है। यह जानकारी रॉयटर्स ने दी है।

भूकंप का केंद्र भूटान के पुणखा में स्थित था, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर में है। उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों और बांग्लादेश में भी झटके महसूस किए गए। कई इंटरनेट यूजर्स ने सोशल मीडिया पर क्षेत्र में भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की। फिलहाल किसी नुकसान या हताहतों की कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं है।

घरों से बाहर निकल आए लोग

गंगटोक और सिक्किम के अन्य इलाकों के निवासियों ने बताया कि कुछ सेकंड तक झटके महसूस होने के बाद कई लोग सावधानी के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के एक अधिकारी ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर के कुछ इलाकों और कूच बिहार, जलपाईगुड़ी व अलीपुरदुआर जिलों में भी लोगों ने झटके महसूस किए और वह अपने घरों से बाहर निकल आए। भूटान से सटे उत्तर बंगाल के इन इलाकों में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है।

भूकंप क्यों आता है?

भूकंप मुख्य रूप से पृथ्वी की बाहरी परत के टेक्टॉनिक प्लेट्स की गति के कारण आता है। ये विशाल प्लेट्स लगातार धीरे-धीरे एक-दूसरे से टकराती, खिसकती या अलग होती रहती हैं। पृथ्वी के अंदर मैटल में होने वाली गर्मी के कन्वेक्शन करंट्स इन प्लेट्स को चलाते हैं। जब प्लेट्स की सीमाओं पर तनाव जमा होता है और अचानक रिलीज होता है, तो भारी ऊर्जा बाहर निकलती है। इस ऊर्जा की तरंगें भूकंपी तरंगों के रूप में फैलती हैं, जो जमीन को हिलाती हैं। इससे इमारतें ढह सकती हैं और जान-माल का नुकसान होता है। भारत जैसे क्षेत्र हिमालय की प्लेट सीमा पर होने के कारण भूकंप प्रभावित हैं।

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