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महंगाई से निपटने के लिए अमेरिकी फेड ने ब्याज दरें बढ़ाईं, ट्रंप ने घटाने को कहा था

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा दिया। यह कदम लगातार बनी हुई ऊंची महंगाई से निपटने के लिए उठाया गया है। व्हाइट हाउस ने फेडरल रिजर्व के फैसले की आलोचना की, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दरें घटाने की मांग की थी। प्रवक्ता कुश देसाई ने फॉक्स न्यूज को बताया, ‘फेडरल रिजर्व का ब्याज दरें बढ़ाने का आज का फैसला काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन के नजरिए से, इसके पीछे कोई बहुत मजबूत आर्थिक तर्क नहीं था।’

महंगाई दर को दो प्रतिशत के लक्ष्य पर लाने की कवायद

फेड की ‘फेडरल ओपन मार्केट कमेटी’ ने महंगाई के ‘ऊंचे’ स्तर का हवाला देते हुए ब्याज दरों को 3.75 से 4.00 प्रतिशत के बीच बढ़ाने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया। साथ ही, यह भी कहा गया कि दरों में इस बढ़ोतरी से महंगाई दर को दो प्रतिशत के लक्ष्य पर ‘जल्द वापस लाने’ में मदद मिलेगी।

बुधवार को जारी सेंट्रल बैंक की ‘इकोनॉमिक प्रोजेक्शन्स की समरी’ के अनुसार, ज्यादातर फेड पॉलिसीमेकर्स को उम्मीद है कि साल खत्म होने से पहले कम से कम एक बार और ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी।

महंगाई का सामना कर रही अमेरिकी जनता

अमेरिकी अर्थव्यवस्था कई सालों से तय लक्ष्य से ज्यादा महंगाई का सामना कर रही है, और ईरान के खिलाफ ट्रंप की जंग, उनकी खास टैरिफ नीतियों और एआई के बढ़ते चलन की वजह से कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

फेड ने जनवरी से ही दरों को स्थिर रखा है। उसने ऊर्जा की कीमतों में अचानक आए उछाल के असर को समझने और कीमतों पर टैरिफ के असर को पूरी अर्थव्यवस्था में फैलने देने के लिए इंतजार करने का फैसला किया है।

हालांकि, जुलाई में हुई पिछली बैठक में, समिति के वोट देने वाले सदस्यों में से एक-चौथाई ने यथास्थिति बनाए रखने के फैसले से असहमति जताई और तुरंत बढ़ोतरी की मांग की। तब से, वॉर्श समेत अन्य नीति-निर्माताओं ने संकेत दिया था कि अगर महंगाई में उल्लेखनीय कमी नहीं आती है, तो फेड को दखल देना पड़ सकता है।

ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला हमारा, बाजार का नहीं: केविन वॉर्श

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने बुधवार को जोर देकर कहा कि ब्याज दरें बढ़ाने का सेंट्रल बैंक का फैसला फाइनेंशियल मार्केट से प्रभावित नहीं था। वॉर्श ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,‘हमने आज यह फैसला हालात के अपने आकलन के आधार पर लिया है।’ ‘मैं बाजर की कीमतों पर नजर रखूंगा और देखूंगा कि वे क्या संकेत देती हैं, लेकिन आज का फैसला हमारा था।’

इनपुट: ब्लूमबर्ग

SOURCE : LIVE HINDUSTAN