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मां की रेसिपी से रेस्टोरेंट चेन तक का सफर, अब IPO के लिए कंपनी ने बढ़ाए कदम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • आईपीओ में 150 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2.79 करोड़ शेयरों तक की बिक्री (OFS) की जाएगी
  • 31 जुलाई 2026 तक कंपनी भारत के नौ शहरों में 22 रेस्तरां, एक डिलीवरी किचन और तीन वेयरहाउस चला रही थी

मां के हाथों से बने बर्मी खाने के स्वाद से शुरू हुई एक कहानी अब शेयर बाजार तक पहुंचने जा रही है। दरअसल, मशहूर बर्मा बर्मा रेस्टोरेंट एंड टी रूम चलाने वाली कंपनी Hunger Pangs लिमिटेड ने अपना आईपीओ लाने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। आइए आईपीओ डिटेल और कंपनी के वजूद में आने की कहानी बताते हैं।

आईपीओ डिटेल

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार प्रस्तावित आईपीओ में 150 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 2.79 करोड़ शेयरों तक की बिक्री (OFS) की जाएगी। ऑफर फॉर सेल में शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसमें प्रमोटर्स अंकित वीरेंद्र गुप्ता और चिराग नरेंद्र छाजेड़ – के साथ-साथ प्रमोटर ग्रुप की कंपनी ‘बीबिगप्लास पॉली प्राइवेट लिमिटेड’ (Bbigplas Poly Pvt Ltd) और निवेशक शेयरधारकों ‘नेगेन टेक अपॉर्चुनिटीज एंजेल फंड’, ‘वेंचर कैटलिस्ट्स एंजेल ग्रोथ फंड’ तथा ‘एल वी एंजेल फंड’ – के शेयर शामिल हैं। नए इक्विटी शेयर से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल पूरे भारत में नए ‘बर्मा बर्मा’ रेस्तरां खोलने और सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा।

आपको बता दें कि ‘हंगर पैंग्स’ प्रीमियम पैन-एशियन कैज़ुअल डाइनिंग सेगमेंट में काम करती है और इसका ‘बर्मा बर्मा’ ब्रांड बर्मी व्यंजनों में माहिर है। इस आईपीओ के लिए पैंटोमैथ कैपिटल एडवाइजर्स एकमात्र बुक-रनिंग लीड मैनेजर है।

मां की रेसिपी से आया आइडिया

Burma Burma की कहानी अंकित गुप्ता के घर से शुरू होती है। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक अंकित बचपन से अपनी मां के हाथों का बना बर्मी खाना खाते हुए बड़े हुए। खासकर बर्मी डिश खाओ सूए (Khow Suey) के स्वाद ने उन्हें इस खानपान को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की प्रेरणा दी। इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए अंकित गुप्ता और शेफ अंसाब, बर्मा यानी म्यांमार गए।

वहां के अनुभव और परिवार की पुरानी रेसिपी को मिलाकर एक ऐसे रेस्टोरेंट का विचार सामने आया, जहां लोग बर्मी खाने के साथ वहां की संस्कृति को भी करीब से महसूस कर सकें। इसी सोच के साथ साल 2014 में मुंबई में Burma Burma का पहला रेस्टोरेंट शुरू हुआ। धीरे-धीरे ब्रांड ने भारतीय ग्राहकों के बीच अपनी पहचान बनाई।

कंपनी के बारे में

31 जुलाई 2026 तक कंपनी भारत के नौ शहरों में 22 रेस्तरां, एक डिलीवरी किचन और तीन वेयरहाउस चला रही थी। इसके रेस्तरां प्रीमियम मॉल, हाई स्ट्रीट और कॉर्पोरेट पार्कों में स्थित हैं। वित्त वर्ष 2026 में परिचालन से होने वाला राजस्व 46.56 प्रतिशत बढ़कर 155.50 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 106.10 करोड़ रुपये था। इस दौरान इसका एबिटा 21.35 करोड़ रुपये से बढ़कर 25.68 करोड़ रुपये हो गया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN