प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जून 2024 को अपने तीसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली, जिसमें 72 मंत्रियों का एक विशाल मंत्रिमंडल शामिल था। इसमें 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल थे।
उत्तर प्रदेश से इस मंत्रिमंडल में कुल 10 प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हैं। अन्य मंत्री हैं:
– रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी
– पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद
– अपना दल (एस) की अध्यक्ष और मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल
– गोण्डा सांसद कीर्ति वर्धन सिंह
– महाराजगंज सांसद पंकज चौधरी
– बांसगांव सांसद कमलेश पासवान
– आगरा सांसद एसपी सिंह बघेल
– राज्यसभा सदस्य हरदीप पुरी
– राज्यसभा सदस्य बीएल वर्मा
इस मंत्रिमंडल में जातिगत संतुलन को ध्यान में रखते हुए तीन उच्च जाति के सदस्य, चार ओबीसी सदस्य और दो दलित सदस्य शामिल हैं।
पंकज चौधरी, जो सात बार के भाजपा सांसद हैं, ने दूसरी बार राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने 1989 में गोरखपुर नगर निगम में स्वतंत्र पार्षद के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।
मंत्रिमंडल में सात पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, जिनमें मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर, उत्तर प्रदेश के राजनाथ सिंह और असम के सर्वानंद सोनोवाल शामिल हैं।
इस विस्तार में भाजपा ने अपने सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया है, जिसमें पांच एनडीए सहयोगी शामिल हैं। इसके अलावा, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जबकि स्मृति ईरानी और अनुराग ठाकुर को बाहर रखा गया है।
इस मंत्रिमंडल विस्तार के साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत की, जिसमें विभिन्न राज्यों और समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
यह विस्तार भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए विभिन्न जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखा है। मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नेताओं की पृष्ठभूमि और अनुभव पार्टी की रणनीति को दर्शाते हैं।
इस विस्तार के साथ, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में विविधता और संतुलन को प्राथमिकता दी है, जो आगामी कार्यकाल में पार्टी की योजनाओं और नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायक होगा।
प्रधानमंत्री मोदी का यह तीसरा कार्यकाल भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय शुरू करता है, जिसमें विभिन्न राज्यों और समुदायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। मंत्रिमंडल के इस विस्तार से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा अपने सहयोगी दलों और विभिन्न जातिगत समूहों को साथ लेकर चलने की योजना बना रही है।
इस मंत्रिमंडल विस्तार के बाद, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों और योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन की उम्मीदें बढ़ी हैं। नए मंत्रियों के अनुभव और विशेषज्ञता से सरकार की कार्यप्रणाली में सुधार की संभावना है।
