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मोबिक्विक को NBFC के लिए मिली आखिरी मंजूरी, 52 वीक हाई के करीब कंपनी के शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • वन मोबिक्विक सिस्टम्स को नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अंतिम मंजूरी मिल गई है
  • इस खबर के बीच मोबिक्विक के शेयर शुक्रवार को 2.30% बढ़त के साथ 224.75 रुपये पर बंद हुए

MobiKwik share price: फिनटेक कंपनी मोबिक्विक को लेकर एक बड़ा अपडेट है। दरअसल, मोबिक्विक की पैरेंट कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स को नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से अंतिम मंजूरी मिल गई है। मोबिक्विक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी मोबिक्विक फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (MFSPL) के जरिए NBFC का काम करेगी। बता दें कि अप्रैल 2026 में मोबिक्विक को एनबीएफसी के लिए RBI से सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। इस खबर के बीच मोबिक्विक के शेयर शुक्रवार को 2.30% बढ़त के साथ 224.75 रुपये पर बंद हुए। इंट्रा-डे के दौरान शेयर 234.90 रुपये तक जा पहुंचा। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 267.20 रुपये है। यह भाव पिछले साल नवंबर महीने में था। इस लिहाज से अभी शेयर 52 वीक हाई के करीब आ गया है।

अब क्या होगा मोबिक्विक का काम?

इस रजिस्ट्रेशन के बाद मोबिक्विक अब केवल अन्य कर्जदाताओं के लिए लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) के रूप में काम करने के बजाय, अपनी सहायक कंपनी के जरिए सीधे लोन दे सकेगी। मोबिक्विक को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से उसे लोन प्रोडक्ट डिजाइन करने में ज्यादा लचीलापन मिलेगा। कंपनी अब तेजी से नए प्रोडक्ट बाजार में ला सकेगी और अपने लेंडिंग बिजनेस की आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकेगी। कंपनी अपने मौजूदा लेंडिंग पार्टनर्स के साथ भी काम करना जारी रखेगी। मोबिक्विक का लक्ष्य ₹5,000 करोड़ के लोन बांटने का है। कंपनी अगले तीन से चार साल में यह लक्ष्य हासिल कर सकती है।

शुरुआत में यह कंपनी बैंकों और अन्य NBFCs के साथ मिलकर एसेट-लाइट को-लेंडिंग मॉडल का इस्तेमाल करेगी। इस व्यवस्था के तहत, मोबिक्विक पूरा लेंडिंग बिजनेस अकेले फंड करने के बजाय, स्थापित कर्जदाताओं के साथ साझेदारी करके क्रेडिट उपलब्ध कराएगी।

यह सहायक कंपनी अपने लेंडिंग कामकाज को सपोर्ट करने के लिए ग्रुप के मौजूदा टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, कस्टमर डेटा, एनालिटिक्स, क्रेडिट रिस्क असेसमेंट मॉडल और कलेक्शन क्षमताओं का उपयोग करेगी। मोबिक्विक इस NBFC का इस्तेमाल पूरे भारत में अपना लेंडिंग बिजनेस बढ़ाने के लिए करेगी।

19.6 करोड़ यूजर्स का मिलेगा फायदा

मोबिक्विक की को-फाउंडर, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और CFO उपासना टाकू के मुताबिक, RBI की मंजूरी कंपनी को एक फुल-स्टैक फिनटेक प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मोबिक्विक के पेमेंट नेटवर्क में करीब 19.6 करोड़ यूजर्स और 50 लाख मर्चेंट शामिल हैं। कंपनी अपने इसी बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल लोन कारोबार के विस्तार में करना चाहती है। कंपनी का कहना है कि NBFC कारोबार बढ़ाते समय जिम्मेदार लेंडिंग, कर्ज लेने वालों की सही जांच और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN