Source :- LIVE HINDUSTAN
इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच एक रिपोर्ट में विस्फोटक दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने ईरान के टॉप नेताओं को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक प्लान बनाया था। लेकिन US ने इस पर पानी फेर दिया।
हाल ही में हुए ईरान युद्ध के बाद अमेरिका और इजरायल के बीच का मतभेद उजागर हो गया है। एक तरफ जहां अमेरिका युद्ध की तबाही झेलने के बाद जल्द से जल्द समझौता करना चाहता था, वहीं इजरायल इस डील से बिल्कुल खुश नहीं है। इजरायल ने खुलेआम कहा है कि वह लेबनान में हमले जारी रखेगा। मतलब साफ है कि वह ईरान को उकसा कर एक बार फिर युद्ध भड़का सकता है। इस बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिससे हड़कंप मच सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने अमेरिका संग बातचीत के लिए जा रहे ईरानी डेलिगेशन को रास्ते में ही उड़ाने का प्लान बना लिया था। लेकिन उसके प्लान को US ने ही एक्सपोज कर दिया।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने खुद मिडिल ईस्ट के देशों के जरिए ईरान को खुफिया संदेश भिजवाया था कि इजरायल उसके शीर्ष नेताओं की हत्या करने वाला है। बताया गया है कि अमेरिकी इनपुट के बाद ईरान ने एक्शन लिया और समय रहते अपने अधिकारियों को अलर्ट कर दिया। अब इस रिपोर्ट के सामने आते ही इजरायल और अमेरिका के रिश्ते में तनाव का बढ़ना तय है।
इजरायल के निशाने पर थे अब्बास अराघची
रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और उसकी सेना के हिट लिस्ट पर ईरान के दो सबसे ताकतवर और कूटनीतिक चेहरे थे। इनमें ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ का नाम शामिल है। बता दें कि ये दोनों ही नेता इस वक्त ईरान की तरफ से बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं। वहीं इस वक्त ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति में ईरान का पूरा कूटनीतिक कार्यभार भी अराघची ही संभाल रहे हैं।
रास्ते में ही उड़ाने का प्लान
रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में जब गालिबफ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बातचीत कर तेहरान लौट रहे थे, तब ईरानी खुफिया एजेंसी ने एक इनपुट इंटरसेप्ट किया। इजरायल के दो लड़ाकू विमान गालिबफ के विमान को हवा में ही उड़ाने के लिए ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस चुके थे। खतरे के अलर्ट के बाद विमान की पाकिस्तानी सीमा के पास मशहद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इसके बाद गालिबफ को सड़क मार्ग से सुरक्षित तेहरान ले जाया गया।
क्यों US ने बचाई ईरानी नेताओं की जान?
अब सवाल यह है कि जब अमेरिका खुद ईरान के साथ युद्ध लड़ रहा है फिर उसने इजरायली प्लान को एक्सपोज क्यों किया और ईरानी नेताओं की जान क्यों बचाई? दरअसल अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया तब उसे अंदाजा नहीं था कि युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा। ईरानी युद्ध में US अपने अरबों डॉलर फूंक चूका था लेकिन ईरान हार मानने को तैयार नहीं हुआ। दूसरी तरफ ईरान खाड़ी देशों पर लगातार हमले कर रहा था। ऐसे में अमेरिका पर दबाव बढ़ रहा था।
इसीलिए अमेरिका जल्द से जल्द कूटनीतिक रास्ते की ओर लौटना चाहता था। अमेरिका नहीं चाहता था कि शांति वार्ता में कोई भी रुकावट आए। इसीलिए उसने ईरान को इजरायली खतरे से सावधान किया। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ है कि अमेरिका के दबाव के बाद इजरायल को मजबूरन मार्च में इन दोनों नेताओं के नाम अपनी हिट-लिस्ट से हटाने पड़े थे।
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