Rahul Gandhi ने 14 अगस्त, 2026 को BJP-RSS पर तीखा हमला करते हुए उसके सदस्यों को “मसखरों का एक समूह” बताया, जिन्हें भारत के इतिहास या दर्शन की कोई समझ नहीं है। नई दिल्ली के Constitution Club में आयोजित Rachnatmak Congress National Convention में बोलते हुए Congress नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कूटनीतिक दृष्टिकोण का भी मज़ाक उड़ाया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री का मानना है कि विदेश नीति का मतलब विश्व नेताओं को गले लगाना भर है।
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## “भारत के दर्शन या इतिहास की कोई समझ नहीं”
Rahul Gandhi ने BJP-RSS पर हमला करते हुए उन पर भारतीय दर्शन और इतिहास की अज्ञानता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसे लोगों का सामना कर रहा है, जो देश की विरासत या मूल्यों को नहीं समझते। उन्होंने कहा, “भारत में बहुत से लोग कायरों की तरह व्यवहार कर रहे हैं। लेकिन आप मसखरों, जोकरों के एक ऐसे समूह से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन का कोई ज्ञान नहीं है, हमारे इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है…”
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## “Meloni” वाला क्षण और कूटनीतिक आलोचना
भाषण के दौरान Gandhi ने मंच पर Congress नेता Sandeep Dikshit को गले लगाया, ताकि वह Modi की उस विदेशी नीति पर अपनी बात रख सकें, जिसे वह अत्यधिक गले मिलने वाली कूटनीति के रूप में देखते हैं। इस गले मिलने का संदर्भ देते हुए Dikshit ने मज़ाक में पूछा, “क्या आपने मुझे Italian PM Giorgia Meloni समझकर गले लगाया?” Gandhi ने जवाब दिया, “मैंने नहीं, मैंने नहीं—मैं अभी उस मुकाम तक नहीं पहुँचा हूँ।”
उन्होंने अपनी आलोचना को और तेज करते हुए कहा कि PM Modi के कार्यकाल में हाल की कूटनीति विश्व नेताओं को गले लगाने के इर्द-गिर्द घूमती हुई प्रतीत होती है—जबकि Gandhi के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में वास्तविकता और ठोस परिणामों की आवश्यकता है।
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## बड़ी पूंजी, RSS और संसद से अनुपस्थिति
Gandhi ने RSS पर आरोप लगाया कि उसे “बड़ी पूंजी, Mr Adani और Mr Ambani ने अपने कब्ज़े में लेकर इस्तेमाल किया है।” उन्होंने कहा कि संगठन अपनी उन जड़ों से काफी दूर चला गया है, जिनमें वह छोटे भारतीय कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करता था।
उन्होंने Home Minister Amit Shah की भी आलोचना की और उन्हें “तथाकथित Chanakya, तथाकथित Sardar Patel” कहा। Gandhi ने Shah की संसद से लंबे समय तक अनुपस्थिति का उल्लेख करते हुए दावा किया कि वह 20 दिनों तक संसद से दूर रहे और संसदीय जांच का सामना करने में असमर्थ थे। उन्होंने कहा, “पहली बार, वे भारत की अभिव्यक्ति महसूस कर रहे हैं।”
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## BJP का जवाब: “एक नया निम्न स्तर”
BJP ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। BJP national Mahila Morcha president Vanathi Srinivasan ने Gandhi की टिप्पणियों, विशेष रूप से “Meloni” वाले मज़ाक की निंदा की। उन्होंने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक और राजनीतिक परिपक्वता में गंभीर कमी बताया। उन्होंने कहा, “नीतियों पर बहस कीजिए। फैसलों को चुनौती दीजिए। लेकिन लोगों का सम्मान कीजिए। यह सार्वजनिक विमर्श का एक नया निम्न स्तर है।”
Education Minister और BJP नेता Sukanta Majumdar ने Gandhi की टिप्पणियों को “बेहद शर्मनाक” बताया, जबकि अन्य लोगों ने उन पर अहंकार और अनुशासनहीनता के जरिए संसदीय मर्यादा भंग करने का आरोप लगाया।
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## व्यापक प्रभाव और संदर्भ
– **घरेलू राजनीतिक दांव-पेच**: Gandhi की टिप्पणियां Congress और BJP-RSS के बीच तनाव को और बढ़ाती हैं। यह ऐसे समय में सामने आई हैं, जब राजनीतिक बयानबाजी लगातार अधिक ध्रुवीकृत होती जा रही है।
– **जांच के घेरे में विदेश नीति**: कूटनीति को दिखावे तक सीमित किए जाने की आलोचना से विपक्ष के इस कथानक को बल मिल सकता है कि भारत के बाहरी संबंधों में औपचारिक इशारों से अधिक ठोस परिणामों की आवश्यकता है।
– **RSS की बदलती भूमिका**: कॉरपोरेट कब्ज़े के आरोपों को उजागर करके Gandhi ने RSS के जमीनी आंदोलन से शक्तिशाली उद्योगपतियों से जुड़े संगठन में बदलने को लेकर लंबे समय से चली आ रही बहस को फिर से तेज कर दिया है।
– **सार्वजनिक कूटनीति और प्रतीकवाद**: “विश्व नेताओं को गले लगाने” का रूपक इस बात पर केंद्रित है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शक्ति का प्रदर्शन कैसे किया जाता है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या सॉफ्ट पावर को ठोस परिणामों का समर्थन मिलना आवश्यक है।
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