Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- आलोक इंडस्ट्रीज के शेयर 7.83 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 8 पर्सेंट उछलकर 8.50 रुपये पर पहुंच गए
- बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास आलोक इंडस्ट्रीज में 40.01 प्रतिशत हिस्सेदारी है
बाजार में बिकवाली वाले माहौल के बीच कुछ पेनी कैटेगरी के शेयर बुधवार को डिमांड में रहे। इनमें से एक शेयर मुकेश अंबानी की कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज का भी है। टेक्स्टाइल सेक्टर से जुड़ी इस कंपनी के शेयर में लगातार दूसरे कारोबारी दिन तूफानी तेजी देखी गई। आइए शेयर के परफॉर्मेंस की डिटेल जानते हैं।
शेयर का परफॉर्मेंस
सप्ताह के तीसरे दिन यानी बुधवार को आलोक इंडस्ट्रीज के शेयर 7.83 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले करीब 8 पर्सेंट उछलकर 8.50 रुपये पर पहुंच गए। इससे पहले, मंगलवार को भी इस शेयर में करीब 10 पर्सेंट का तगड़ा उछाल आया था। बता दें कि शेयर ने एक अक्टूबर को 6.92 रुपये के 52 वीक लो को टच किया था। ऐसे में कहा जा सकता है कि शेयर रिकवरी वाले मोड में है। शेयर के 52 हफ्ते के हाई की बात करें तो 18.46 रुपये है। शेयर का यह भाव अक्टूबर 2025 में रहा था।
वजह क्या है?
शेयर में उछाल की कोई ठोस वजह नहीं है। हालांकि, रिलायंस जियो के आईपीओ की लॉन्चिंग से इसे जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, दोनों ही कंपनियां मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज की हैं। बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा दाखिल किया था। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 28 अगस्त को इस इश्यू के लिए अंतिम टिप्पणियां जारी की थीं। अब माना जा रहा है कि दिवाली तक कंपनी आईपीओ लॉन्च कर देगी।
दूसरी तिमाही के नतीजे का इंतजार
आलोक इंडस्ट्रीज के दूसरी तिमाही नतीजे का इंतजार है। इस कंपनी को जून तिमाही के दौरान कंसोलिडेटेड नेट लॉस पिछले साल की इसी तिमाही के ₹171.56 करोड़ से घटकर ₹138.25 करोड़ हो गया। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू सालाना आधार पर 6.5% बढ़कर ₹993.11 करोड़ पर पहुंच गया। अगर कुल खर्च की बात करें तो मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,153.45 करोड़ हो गया। हालांकि, इस्तेमाल किए गए मटीरियल की लागत सालाना आधार पर लगभग 18% बढ़कर ₹538.86 करोड़ हो गई।
कंपनी के बारे में
बता दें कि आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर है, जो कॉटन और पॉलिएस्टर दोनों वैल्यू चेन में काम करती है। नवी मुंबई की धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी में स्थित यह कंपनी अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप के तहत काम करती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास आलोक इंडस्ट्रीज में 40.01 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं, जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी के पास 34.99 प्रतिशत हिस्सा है। यह कंपनी करीब 4 दशक पहले वजूद में आई थी।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




