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वेदांता को ओडिशा सरकार ने दिया बड़ा झटका, 13 साल पुरानी जमीन लौटाने का आदेश

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • साल 2013 में राज्य के इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IDCO) द्वारा वेदांता की कंपनी वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड को यह जमीन आवंटित की गई थी
  • अब सरकार ने इस जमीन की लीज को रद्द कर दिया है

अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड को ओडिशा सरकार ने बड़ा झटका दिया है। राज्य सरकार ने लंबे समय तक इस्तेमाल न किए जाने का हवाला देते हुए झारसुगुड़ा जिले के पंचपाड़ा गांव में वेदांता लिमिटेड को आवंटित 28.8 एकड़ सरकारी जमीन का लीज रद्द कर दिया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक आवंटन रद्द करने के आदेश से पहले इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने 9 अप्रैल को वेदांता को एक शो-कॉज नोटिस (कारण बताओ नोटिस) जारी किया था। इस नोटिस में जमीन का इस्तेमाल न किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। कंपनी के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर लीज को रद्द कर दिया गया।इसके बाद अब करीब 13 साल बाद कंपनी से राज्य सरकार वापिस जमीन लेगी।

2013 में अलॉटमेंट

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर के मुताबिक साल 2013 में राज्य के इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IDCO) द्वारा वेदांता की कंपनी वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड को यह जमीन आवंटित की गई थी। बाद में, नाम बदलने के बाद इसे वेदांता लिमिटेड को लीज पर दे दिया गया। बीते साल एक जांच के दौरान यह जमीन खाली पाई गई। रिपोर्ट में बताया गय है कि करीब 13 साल बाद भी जमीन पर केवल एक बाउंड्री वॉल बनी थी जबकि कोई औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर या स्थायी निर्माण मौजूद नहीं था। वेदांता ने इस लीज पर ली गई संपत्ति को गिरवी रखकर क्रेडिट फैसलिटीज (लोन) हासिल की थी। अब राज्य सरकार ने इसके अलॉटमेंट को रद्द कर दिया है। सरकारी सर्कुलर के अनुसार, यदि औद्योगिक भूमि तीन वर्षों तक बिना उपयोग के पड़ी रहती है तो भूमि आवंटन की शर्तों के तहत उसे वापस लिया जा सकता है।

कंपनी ने क्या कहा?

वेदांता ने कहा कि इस जमीन को गिरवी रखकर लिए गए लोन का पूरा भुगतान कर दिया गया है। वेदांता एल्युमिनियम मेटल के एक प्रवक्ता ने कहा, “कंपनी ने इस जमीन का इस्तेमाल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे कि एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा सुविधा के लिए करने में रुचि दिखाई है। इस मामले पर इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ बातचीत चल रही है।”

वेदांता को निर्देश दिया गया है कि वह तुरंत इस जमीन का कब्जा (बिना किसी विवाद के और खाली हालत में) संबंधित अधिकारी को सौंप दे। साथ ही, कंपनी से कहा गया है कि वह इस जमीन पर किसी तीसरे पक्ष को शामिल न करे और न ही यहां कोई नया निर्माण या अन्य गतिविधियां शुरू करे।

एक्शन मोड में राज्य सरकार

ओडिशा सरकार ने 2016 से अब तक ऐसी औद्योगिक इकाइयों को आवंटित 267 जमीन के प्लॉट रद्द कर दिए हैं, जो काम नहीं कर रही थीं। इन इकाइयों ने न तो अपना कामकाज शुरू किया और न ही आवंटित जमीन का इस्तेमाल किया। इस साल मार्च तक 398 और इकाइयों को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किए गए थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN