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वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू के लिए अभी और करना होगा इंतज़ार? भारत के बॉलिंग कोच ने क्या बताया

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Source :- BBC INDIA

वैभव सूर्यवंशी

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आयरलैंड सिरीज़ के बाद इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में भारत के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में जगह नहीं मिली थी. शनिवार को इस सिरिज़ का दूसरा मैच मैनचेस्टर में खेला जाएगा.

लेकिन भारतीय टीम मैनेजमेंट अब भी इस बात पर चुप्पी साधे हुए है कि वह 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौक़ा कब और कहां देगा.

इस सवाल पर शुक्रवार को इंडिया टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने भी जो जवाब दिया, उससे लगा कि मैनेजमेंट के दिमाग़ में कोई और रणनीति चल रही है.

इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद इस दूसरे मैच में वैभव को डेब्यू करने का मौक़ा मिले क्योंकि मोर्कल ने मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से कहा कि “अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को नज़रअंदाज़ करना सही नहीं होगा.”

मोर्कल ने ज़ोर देकर कहा कि “भारतीय टीम उन खिलाड़ियों का साथ देने में भरोसा रखती है जो राष्ट्रीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन” कर रहे हैं.

इंडियन टीम के मौजूदा दौरे में संजू सैमसन की लगातार नाकामियां जारी हैं. पिछली तीन पारियों में उन्होंने महज़ 5, 0 और 1 रन बनाए हैं. इससे टीम मैनेजमेंट पर दबाव बढ़ गया है.

भारत के कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी मैनेजमेंट के फ़ैसले पर सवाल उठाए. सुनील गावस्कर ने तो कहा था कि “वैभव को बिल्कुल मौका देना चाहिए.”

उधर, मोर्ने मोर्कल के बयान के बाद वैभव सूर्यवंशी ने सोशल मीडिया पर ‘न्यू चैप्टर’ लिख कर एक स्टोरी शेयर की है. इससे कयास लगाए जाने लगे हैं कि शायद उन्हें जल्द मौका मिले.

मोर्ने मोर्कल ने क्या कहा?

मोर्ने मोर्कल

दूसरे टी-20 मैच से पहले मोर्कल ने पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि हमें इस बात का सम्मान करना चाहिए कि हमारे पास टी-20 क्रिकेट का नंबर एक बल्लेबाज़ है, या यूँ कहें कि हमारे पास टी-20 क्रिकेट का नंबर एक बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा हैं. आप जानते हैं, संजू वर्ल्ड कप के खिलाड़ी रहे हैं.”

अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन इंडिया की ओपनिंग जोड़ी हैं. अभिषेक ने ख़ुद को भारतीय टीम के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ के तौर पर स्थापित किया है.

अभिषेक ने कई धमाकेदार पारियां खेली हैं, जिनमें 2024 में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ तेज़ शतक और 54 गेंदों पर 135 रन की मैच जिताने वाली पारी शामिल है. वह टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज़ 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ भी बने.

वहीं इसी साल भारत के टी-20 वर्ल्ड कप ख़िताब जीतने में संजू सैमसन ने अहम भूमिका निभाई थी.

कुछ समय पहले हुए टी-20 वर्ल्ड कप में वह ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ रहे थे. जब भारत को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाए और लगातार दो मैचों में 89-89 रन की पारियां खेलीं.

सैमसन को लेकर मोर्ने मोर्कल ने कहा, “उसने (सैमसन) शानदार आईपीएल खेला. इसलिए मुझे लगता है कि कोचिंग स्टाफ़ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना और उनका साथ देना बिल्कुल सही है.”

वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या कहा

वैभव सूर्यवंशी

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मोर्कल ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा, “हाँ, एक युवा खिलाड़ी दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है और यह उत्साह बढ़ाने वाली बात है. लेकिन मेरा मानना है कि सिर्फ़ इन दोनों ओपनर्स के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए यह अच्छा संकेत है कि हम उन्हें यह भरोसा दें कि हम उनके साथ हैं.”

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल-2026 के 16 मैचों में 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए. उन्होंने ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर का अवॉर्ड जीता.

उन्होंने श्रीलंका ए और अफ़ग़ानिस्तान ए के साथ खेली गई ट्राई सिरीज़ के फ़ाइनल में 29 गेंदों पर 94 रन की तूफ़ानी पारी भी खेली.

यही वजह रही कि इंडिया के नेशनल सेलेक्टर्स को सीनियर टी-20 टीम में उनके लिए जगह बनानी पड़ी. उन्हें उस टीम कॉम्बिनेशन में शामिल किया गया, जिसने तीन महीने पहले टी-20 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीता था.

सूर्यवंशी के पास भारतीय टीम के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बनने का मौक़ा है.

क्रिकइंफ़ो के मुताबिक़, सचिन तेंदुलकर के बाद इतनी कम उम्र में शायद ही किसी बल्लेबाज़ ने इतना शानदार प्रदर्शन किया हो. महान बल्लेबाज़ ब्रायन लारा के बाद शायद ही किसी ने इतनी ऊंचाई से, इतनी तेज़ी और इतनी कामयाबी के साथ बल्ला चलाया हो. अनुभवी क्रिकेट जानकारों को उनके खेल में गैरी सोबर्स और ग्रीम पोलॉक की भी झलक दिखाई देती है.

हालांकि, इंडियन बॉलिंग कोच ने यह भी साफ़ किया कि सूर्यवंशी की तैयारी को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है.

मोर्कल ने कहा, “जिस तरह खिलाड़ियों ने उसका स्वागत किया है, वह काबिले-तारीफ़ है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 साल की उम्र में नेट्स पर उतरना डराने वाला अनुभव हो सकता है. लेकिन अब तक जितने भी नेट सेशन हुए हैं, उनमें उन्होंने काफ़ी प्रभावित किया है.”

कपिल देव ने सचिन तेंदुलकर और कोहली से की तुलना

कपिल देव

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खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता के साथ एक पॉडकास्ट में भारत के पूर्व क्रिकेटर कपिल देव ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना तेंदुलकर और कोहली जैसे खिलाड़ियों से की.

उन्होंने कहा, “वैभव सूर्यवंशी एक असाधारण खिलाड़ी हैं. मैंने बहुत कम ऐसे खिलाड़ी देखे हैं जिनमें उनके जैसी प्रतिभा हो. वैभव सूर्यवंशी में उतनी ही प्रतिभा है, जितनी विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर में है.”

हालांकि कपिल देव ने कहा, “वो बहुत बड़ी प्रतिभा हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उनके बारे में हम बहुत बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “सचिन ने भी इसी उम्र में खेलना शुरू किया था. मुझे लगता है कि अगर खिलाड़ी तैयार है तो उसकी उम्र के बारे में मत सोचो. उसकी क्षमता को देखो और लगता है कि वो खेल सकता है तो ज़रूर खिलाओ. ये नहीं सोचना चाहिए की बुरा वक़्त आएगा तो वो कैसे निकलेगा.”

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच में वैभव को न खिलाए जाने को लेकर सुनील गावस्कर ने निराशा ज़ाहिर की थी.

उनका कहना था कि वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू का जितना ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ेगा, उन पर उतना ही प्रेशर बढ़ता जाएगा.

पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री ने भी कहा था कि सूर्यवंशी को आयरलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में ही मौक़ा मिल जाना चाहिए था.

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी वैभव को न खिलाए जाने पर सवाल उठाए.

लेकिन भारत के पूर्व स्पिनर आर अश्विन जैसे कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि वैभव को इंतज़ार करना होगा और बेंच पर बैठकर भी वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बारीकियां सीख सकते हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS