Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/06/1200x900/Most_Terrifying_1791301063746_57mj_1791301068555_JvV3_2faac02f-819b-4261-a230-19a695a1be0f_h6sa.jpgफिल्मों का प्रमोशन करने के मामले में मेकर्स एक से बढ़कर एक तरकीबें लगाते हैं, लेकिन आज हम आपको उन प्रमोशन इवेंट्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने लोगों को बुरी तरह डरा दिया था।
भारत में भले ही हॉरर फिल्मों का बाजार इतना बड़ा न हो, लेकिन अन्य देशों में इस तरह की फिल्में रिकॉर्ड तोड़ कमाई करती हैं। मेकर्स अपनी फिल्मों का प्रमोशन करने के लिए भी एक से बढ़कर एक तरकीबें लगाते हैं। आज हम जानेंगे सिनेमा जगत के इतिहास में अभी तक किए गए सबसे डरावने प्रमोशन इवेंट या एक्टिविटी। लिस्ट में कुछ ऐसे प्रमोशन इवेंट भी शामिल हैं, जिन्होंने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी थी। तो चलिए शुरुआत करते हैं सबसे पुरानी फिल्मों के साथ और फिर धीरे-धीरे नई फिल्मों की तरफ बढ़ेंगे।
थिएटर्स के बाहर नर्सों की कतारें
साल 1960 में आई फिल्म ‘साइको’ का प्रमोशन इस तरह का पहला प्रयोग था। कहा जाता है कि इसी फिल्म के जरिए हॉरर फिल्मों का भयानक अंदाज में प्रमोशन करने का सिलसिला शुरू हुआ था। डायरेक्टर अल्फ्रेड हिचकॉक ने सख्त नियम लागू करवाए थे कि फिल्म शुरू होने के बाद किसी भी लेट आने वाले को थिएटर में एंट्री नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, सिनेमाघरों के बाहर नकली डॉक्टरों और नर्सों को तैनात किया गया था और दर्शकों को हार्ट अटैक के जोखिम की चेतावनी वाले फॉर्म दिए जा रहे थे। लोगों के दिमाग में भर दिया गया कि यह फिल्म इतनी डरावनी है कि इसे देखते हुए किसी की जान भी जा सकती है। लोग कांपते हुए यह फिल्म देखने पहुंचे थे। फिल्म देखने के दौरान भी उनकी हालत खराब थी कि आगे न जाने कौन सा सीन आ जाएगा।
शहर भर में ‘लापता’ लोगों के पोस्टर
यह प्रमोशन इवेंट साल 1999 में आई फिल्म ‘द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट’ के लिए किया गया था। इसे सिनेमा के इतिहास का सबसे सक्सेसफुल और डरावना गुरिल्ला मार्केटिंग कैंपेन माना जाता है। हुआ यह था कि फिल्म के रिलीज होने से पहले मेकर्स ने इंटरनेट पर एक वेबसाइट बनाई और कॉलेज कैंपसों व थिएटर्स के बाहर फिल्म के मुख्य कलाकारों के लापता होने के पोस्टर लगा दिए। लोगों को यह यकीन दिलाया गया कि यह कोई फिल्म नहीं है, बल्कि उन छात्रों की असली फुटेज है जो जंगल में खो गए थे। लोगों में इस फिल्म ने काफी डर भर दिया था।
जब बॉम्ब स्क्वॉड को बुलाना पड़ गया
बात साल 2006 की है जब टॉम क्रूज की फिल्म ‘मिशन इम्पॉसिबल 3’ का प्रमोशन चल रहा था। भले ही यह कोई हॉरर फिल्म नहीं थी, लेकिन इसके प्रमोशन ने लोगों को बहुत ज्यादा डरा दिया था। बाद में इस तरह की प्रमोशन एक्टिविटी करने के लिए मेकर्स की काफी निंदा भी की गई। हुआ यह था कि शहर के अखबार बेचने वाले बॉक्सों के अंदर मेकर्स ने छोटे डिजिटल म्यूजिक प्लेयर छिपाए थे, जो बॉक्स खुलते ही फिल्म की थीम ट्यून बजाते थे। बक्से के अंदर छिपे हुए तारों और अजीब आवाज सुनकर लोगों को लगा कि शहर में आतंकवादियों ने बम लगाए गए हैं। डर इतना बढ़ गया था कि कई इलाके खाली कराने पड़े और बॉम्ब स्क्वॉड को बुलाना बड़ा।
कॉफी शॉप में लड़की पर आया भूत?
साल 2013 में आई इस फिल्म के प्रमोशन के लिए मेकर्स ने न्यूयॉर्क की एक कॉफी शॉप में डरावना सेटअप तैयार किया था। यह दुकान के अंदर छिपे हुए तारों, रिमोट कंट्रोल कुर्सियों और नकली दीवारों का सेटअप था। जब आम ग्राहक वहां कॉफी पी रहे थे, तब एक एक्ट्रेस ने गुस्सा होने का नाटक किया और अपने दिमाग की शक्ति से एक आदमी को दीवार पर टांग दिया और टेबल-कुर्सियों को हवा में उड़ाने लगी। लोग चीखते हुए बाहर निकले और इस प्रैंक को आज तक के सबसे भयानक प्रैंक में गिना जाता है।
लाइव इवेंट में लोगों की हुई हालत खराब
साल 2022 में आई फिल्म ‘स्माइल’ और 2024 में आई ‘स्माइल-2’ के प्रमोशन में तो मेकर्स ने हद ही कर दी। मेकर्स ने अमेरिका के बड़े लाइव बेसबॉल मैचों और टीवी शोज के दौरान बैकग्राउंड में कुछ लोगों को डरावना मेकअप करके बिठा दिया। ये लोग बिना पलक झपकाए, लगातार कई घंटों तक कैमरे की तरफ देखकर एक बेहद डरावनी और अजीब मुस्कान देते रहे। लोग एक असली इवेंट में कनफ्यूज थे कि यह कोई मानसिक बीमारी है या भूतिया घटना।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




