Home rss world hindi होर्मुज नहीं, ‘ट्रंप स्ट्रेट’…अमेरिकी राष्ट्रपति ने शेयर किया नक्शा; फिर भड़केगी आग?

होर्मुज नहीं, ‘ट्रंप स्ट्रेट’…अमेरिकी राष्ट्रपति ने शेयर किया नक्शा; फिर भड़केगी आग?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान के सात दिनों के सीजफायर को ठुकराने के बाद डोनाल्ड ट्रंप फिर से भड़क उठे हैं। अब ट्रंप ने जो किया है, उससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका का रुख और ज्यादा आक्रामक रहेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ईरान के सात दिनों के सीजफायर को ठुकराने के बाद डोनाल्ड ट्रंप फिर से भड़क उठे हैं। अब ट्रंप ने जो किया है, उससे संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका का रुख और ज्यादा आक्रामक रहेगा। असल में ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक शेयर किया है। इसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रख दिया है। इस मैप में यह स्ट्रेट ईरान और यूएई के बीच नजर आ रहा है।

पहली बार नहीं

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा किया है। इससे पहले सितंबर की शुरुआत में, ट्रंप ने होर्मुज का नाम बदलकर अपने नाम पर रखने का सुझाव दिया था। साथ ही दावा किया था कि अब इस जलमार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है। वाइट हाउस ने पहले सोशल मीडिया पर एक नक्शा भी जारी किया था। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज को एक सप्ताह के लिए फिर से खोलने के तेहरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। वह अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद नए हमले करने पर विचार कर रहे हैं। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शनिवार को अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दी।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को कहा था कि ईरान ने होर्मुज को फिर से खोलने के लिए अमेरिका के सामने सात दिनों की योजना रखी है। जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को संदेह है कि ईरान उनकी शर्तें मानेगा और उन्होंने अपने सहयोगियों से कहा है कि नए हमले हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान और मध्यस्थों को यह भी बताया है कि राष्ट्रपति की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की योजना नहीं है।

गौरतलब है कि उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए जिसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए। जून के मध्य में, ईरान और अमेरिका ने लड़ाई रोकने के उद्देश्य से एक समझौते पर हस्ताक्षर किया लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने फिर से एक-दूसरे पर हमले किया। यह टकराव अभी भी सुलझा नहीं है और बीच-बीच में फिर से लड़ाई शुरू हो जाती है। हालांकि, अमेरिका ने इस्लामिक रिपब्लिक पर अपना आर्थिक दबाव बढ़ाने का फैसला किया है ताकि ईरान के लिए और ज्यादा आर्थिक मुश्किलें उत्पन्न करके इस टकराव को खत्म किया जा सके।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN