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अकेले में हार्ट अटैक आने पर करें ये 3 काम, इमरजेंसी में जान बचा सकती है डॉक्टर की सलाह!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हार्ट अटैक एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें एक-एक मिनट बहुत जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में अगर आप कभी अकेले हों, तो पैनिक होने के बजाए समझदारी से काम लेंं। डॉक्टर ने बताया है कि आपको कौन से 3 काम तुरंत करने चाहिए, जो जान बचा सकते हैं।

हार्ट अटैक के मामले आजकल तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इनमें से कई केस ऐसे होते हैं, जहां समय पर मेडिकल सहायता ना मिलने की वजह से स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाती है। कई बार हार्ट अटैक के दौरान मरीज अकेला भी होता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्योंकि हार्ट अटैक एक ऐसी मेडिकल इमरजेंसी है, जहां एक-एक मिनट बहुत जरूरी होता है। ऐसे में अगर अचानक से सीने में दवाब या दर्द, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, कमजोरी या अन्य हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हों तो घबराने की बजाए ये बातें अपने ध्यान में रखें। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ सुगंधा शर्मा ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ऐसी 3 बातें साझा की हैं, जो हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी में बहुत काम आ सकती हैं।

हार्ट अटैक में अकेले होने पर करें ये 3 काम

तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लें

डॉ सुगंधा शर्मा कहती हैं कि सबसे पहला और जरूरी स्टेप है मेडिकल हेल्प लेना। अगर आप ऐसी स्थिति में अकेले हैं तो खुद गाड़ी ड्राइव करने के बजाए तुरंत इमरजेंसी हेल्प लाइन 112 पर कॉल करें। इसके साथ ही अपने किसी खास रिश्तेदार या करीबी पर भी कॉल करें, जो हेल्प के लिए तुरंत मौजूद हो सके।

एस्पिरिन की गोली चबाकर खाएं

डॉक्टर कहती हैं कि हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस होने पर आप तुरंत एक एस्पिरिन (डिस्प्रिन) की गोली ले सकते हैं। अगर आपके पास 325 mg की एस्पिरिन की टैबलेट है तो उसे चबाकर या पानी में घोलकर ले सकते हैं। ध्यान रहे इसे सीधा निगलना नहीं है, वरना इसका एब्जॉरपशन बहुत ही स्लो होता है।

जरूरी बात- खुद से ना लें सॉर्बिट्रेट की गोली

बहुत से लोग हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस होने पर सॉर्बिट्रेट की गोली को भी जीभ के नीचे रख लेते हैं। हालांकि ये जोखिम भरा हो सकता है। डॉक्टर कहती हैं कि सॉर्बिट्रेट एक तरह का vasodilator है, यानी ये ब्लड वेसल्स को फैलाता है, जिससे बीपी कम हो सकता है। अगर आपका बढ़ा हुआ है, तब तो ये गोली फायदा कर सकती है। लेकिन अगर आपका बीपी कम है तो बेहोशी जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

खुद को ज्यादा थकाएं नहीं

हार्ट अटैक जैसी स्थिति में अकेला होने पर लोग काफी घबरा जाते हैं। वो दौड़-भाग करने लगते हैं या खुद ही गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश में लग जाते हैं। डॉ सुगंधा कहती हैं कि ऐसी स्थिति में खुद को ज्यादा थकाना ठीक नहीं है, क्योंकि इस दौरान ऑक्सीजन सप्लाई वैसे भी कम होने लगती है। ऐसे में आप जितना दौड़ भाग करेंगे, खुद को थकाएंगे, शरीर की ऑक्सीजन की डिमांड उतनी ही ज्यादा बढ़ जाएगी और आपके हार्ट पर लोड भी बढ़ता जाएगा। डॉक्टर सलाह देती हैं कि ऐसी कंडीशन में आपको अपने पैरों को अपनी बॉडी के पास रखना चाहिए और आराम से एक जगह बैठ जाना चाहिए।

हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण

  • सीने में दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द महसूस होना।
  • दर्द का कंधे, जबड़े, हाथ और पीठ तक फैलना।
  • सांस लेने में परेशानी होना या सांस भारी होना।
  • ठंडा पसीना आना
  • अचानक चक्कर या कमजोरी महसूस होना।
  • जी मिचलाना या उल्टी होना।
  • अचानक बहुत ज्यादा थकान या बेचैनी महसूस होना।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN