Source :- LIVE HINDUSTAN
यह एक दशक में चीनी राष्ट्रपति का पहला अमेरिकी दौरा है। इस दौरान मतभेदों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच सार्थक चर्चा की उम्मीद है। जिनपिंग का दौरा शुक्रवार को ट्रंप और मेलानिया ट्रंप के साथ निजी चाय के साथ खत्म होगा।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को अमेरिका पहुंचे हैं। जिनपिंग के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सारे प्रोटोकॉल तोड़ दिए। ट्रंप पहले की परम्पराओं को तोड़ते हुए जिनपिंग के स्वागत के लिए खुद रनवे पहुंचे थे। इस स्वागत समारोह की कुछ झलकियां भी सामने आई हैं। तस्वीरों में ट्रंप ज्वाइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट के रनवे पर उतरकर खुद उनका स्वागत करते नजर आ रहे हैं।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्योते पर वॉशिंगटन पहुंचे जिनपिंग 3 दिन अमेरिका में रुकेंगे। यह एक दशक से भी अधिक समय में उनका पहला अमेरिकी दौरा है। इससे पहले वे 2015 में वॉशिंगटन गए थे। अब 6 महीने से भी कम समय के अंतराल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी दूसरी शिखर वार्ता होगी। बातचीत से पहले ही ट्रंप ने जिनपिंग का जोरदार स्वागत कर इस यात्रा की अहमियत को साफ कर दिया है।
खुद रनवे पहुंचे ट्रंप
आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी नेताओं का स्वागत वाइट हाउस में ही करते हैं। लेकिन जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत करने ट्रंप खुश पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ पहुंचें। यहां एयरबेस पर उन्होंने चीनी राष्ट्रपति का हाथ पकड़कर गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत समारोह के दौरान B-1 बॉम्बर विमानों ने फ्लाईपास्ट भी किया। इस बीच दोनों नेता कुछ बातचीत करते भी नजर आए।
यह इसीलिए भी खास है क्योंकि अमेरिकी सरजमीं पर ऐसा आखिरी बार 11 साल पहले यानी 2015 में हुआ था। तब तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पोप फ्रांसिस का एयरबेस पर जाकर स्वागत किया था। अब चीनी राष्ट्रपति का शाही अंदाज में रेड कार्पेट स्वागत किया गया है।
ट्रेड वॉर पर लगी रोक बढ़ाई गई
इस बीच जिनपिंग और ट्रंप की औपचारिक वार्ता से ठीक पहले अमेरिका और चीन के बीच चल रहे ट्रेड वॉर में लगी रोक को लेकर बड़ा ऐलान हुआ है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को बताया है कि 10 नवंबर को खत्म हो रहे ट्रेड वॉर सीजफायर की समय सीमा को अब 2 महीने बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दिया गया है। इस दौरान दोनों देश कई समझौतों पर काम कर सकते हैं। बता दें कि इससे पहले अप्रैल 2025 में ट्रंप द्वारा चीन पर मोटा टैरिफ लगा देने के बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया था। हालांकि बाद में इसे रोकने के लिए एक समझौते पर सहमति बनी थी। अब इसे आगे बढ़ाने का ऐलान किया गया है।
ट्रंप-जिनपिंग के बीच क्या होगी बातचीत?
ट्रंप और जिनपिंग की मुलाकात के दौरान कई अहम मुद्दों पर वार्ता हो सकती है। इनमें टैरिफ, AI और ईरान से जुड़े मसले शामिल होने की उम्मीद है। वैश्विक तेल संकट के बीच चीन द्वारा ईरानी तेल की खरीद एक अहम बिंदु है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर और संवेदनशील तकनीकों के निर्यात पर अमेरिकी बैन हटाने को लेकर चीन दबाव बना सकता है। वहीं बातचीत से पहले चीन ने साफ किया है कि चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास से जुड़े हितों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
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