Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान का युद्ध खत्म होने वाला है। इसके लिए शुक्रवार को दोनों देशों में डील पर साइन होंगे। यह साइन होते ही ईरान होर्मुज खोल देगा और उसे बिना किसी रोक टोक के तेल बेचने की भी अनुमति मिल जाएगी।
US-Iran War Update: फरवरी से चल रहा अमेरिका-ईरान युद्ध के खत्म होने पर सहमति बन गई है। शुक्रवार को डील पर साइन होंगे। हालांकि, उससे पहले समझौते की लीक हुईं बातों से पता चलता है कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ एक शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर होते ही ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए तुरंत कदम उठाएगा और उसे बिना किसी रोक-टोक के अपना तेल बेचने की अनुमति मिल जाएगी।
शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले इस समझौते में युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए ईरान को कम से कम 300 अरब डॉलर मिलने की बात भी शामिल है। साथ ही, इसमें कहा गया है कि अगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अंतिम समझौते पर सहमति बन जाती है, तो अमेरिका तेहरान पर लगाए गए सभी अमेरिकी और यूनाइटेड नेशन के बैन को हटाने की दिशा में काम करेगा।
इस समझौते की अमेरिका में आलोचना हो सकती है। यह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि जैसे-जैसे समझौते की बातें सामने आ रही हैं, उन्हें अपने देश में भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इस समझौते का ज्यादातर हिस्सा युद्ध से पहले वाली स्थिति को बहाल करेगा। इसमें दुश्मनी खत्म करना, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू करना और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है। इसके बंद होने की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया था।
अमेरिका की ओर से ईरान को तुरंत स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति देने और बाद में सभी प्रतिबंध हटाने के प्रस्ताव को उन रियायतों से भी बड़ा माना जा रहा है, जो ईरान को 2015 के परमाणु समझौते के तहत दी गई थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को 2015 के समझौते से अलग कर लिया था और उसे सबसे खराब समझौता बताया था।
इजरायल-हिज्बुल्लाह के बीच तुरंत खत्म होगी लड़ाई
समझौते में लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला के बीच तुरंत लड़ाई समाप्त करने की बात कही गई है। यह समझौते का सबसे संवेदनशील हिस्सा है क्योंकि इजराइल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए लेबनान के बड़े हिस्सों पर नियंत्रण बनाए रखेगा। ईरान ने कहा है कि समझौते के तहत इजरायल को पीछे हटना होगा, लेकिन लीक हुई प्रतियों में इसका कोई उल्लेख नहीं है। दोनों पक्षों को अंतिम समझौता होने से पहले 60 दिन तक बातचीत करनी है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार विकसित न कर सके, इसके लिए यह बातचीत जरूरी है।
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