Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा पर नया हमला बोला है। ट्रंप ने ओबामा प्रशासन द्वारा ईरान के साथ की गई डील की आलोचना करते हुए कहा कि ईरानी लोग इस डील पर हंसते थे और ओबामा को गाली देते थे।
Donald Trump about obama: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अकसर ईरान के मुद्दे को लेकर अपने पूर्ववर्ती ओबामा की आलोचना करते रहते हैं। लेकिन फ्रांस में जी7 बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे राष्ट्रपति ट्रंप ने बराक ओबामा को लेकर अपशब्द कह दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ओबामा प्रशासन ने डील के माध्यम से ईरान को परमाणु हथियार बनाने की खुली छूट दे दी थी। इतना ही नहीं उन्हें बड़ी मात्रा में पैसा भी उपलब्ध करवा दिया था।
फ्रांस में मिस्त्र के राष्ट्रपति सीसी के साथ मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर से ओबामा की ईरान के साथ डील और अपनी डील को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन ने उस डील के माध्यम से ईरान को खुली छूट दे दी थी। ईरानी इस बात को लेकर हंसते थे। उन्होंने कहा, “ईरानी लोग ओबामा पर हंसते थे और कहते थे कि वह एक बेवकूफ सन ऑफ *** है।”
ट्रंप ने कहा, “कोई भी ऐसा समझौता नहीं कर सकता था। मेरा मतलब है कि ओबामा ने ईरान के साथ जो जेसीपीओए की डील की थी वह बर्बाद थी। उन्होंने ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद दे दिए थे। 1.7 अरब डॉलर के हरे नोटों के नकद, बैंक से निकालकर एक बोइंग 757 में भरकर ईरान भेज दिए।” बता दें, ट्रंप लगातार ईरान के साथ अपनी और ओबामा की डील की तुलना करते रहते हैं। वह सार्वजनिक तौर पर भी इस बात का ऐलान कर चुके हैं कि वह ईरान के साथ ऐसी डील करेंगे, जो ओबामा प्रशासन की डील से कहीं ज्यादा बेहतर होगी। हालांकि, विशेषज्ञों की इस मुद्दे को लेकर राय थोड़ी अलग है।
क्या है ओबामा और ईरान की डील?
2015 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अन्य देशों के साथ मिलकर ईरान के साथ एक डील की थी। उस समय पर इसे JCPOA नाम दिया गया था। हालांकि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2018 में अमेरिका को इस समझौते से बाहर निकाल लिया था। इतना ही नहीं ट्रंप ने इस डील के लिए ओबामा की बेहद आलोचना भी की थी। हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ डील से रोकने के लिए इजरायली प्रधानमंत्री नेतान्याहू, ओबामा के सामने गिड़गिड़ाए भी थे। लेकिन इसके बाद भी ओबामा ने यह डील की। ट्रंप ने 2018 में अमेरिका को इस डील से बाहर निकाल लिया इसके बाद विशेषज्ञों का दावा है कि ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम तेज कर दिया।
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