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इंटरनेट पर मंडरा रहा बड़ा खतरा! Google, OpenAI, Amazon सब अलर्ट; कई वेबसाइट बंद

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Source :- LIVE HINDUSTAN

PHP प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में दो गंभीर सिक्योरिटी खामियां सामने आई हैं, जिनसे प्रभावित सर्वर पर साइबर अटैक का खतरा है। Google, OpenAI और Amazon समेत कई कंपनियां सिक्योरिटी मजबूत करने में जुटी हैं।

इंटरनेट की सुरक्षा को लेकर दुनियाभर में हड़कंप मच गया है। PHP प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में दो गंभीर सिक्योरिटी खामियां सामने आई हैं, जिनका फायदा उठाकर हैकर्स प्रभावित सर्वर पर खतरनाक कोड रन कर सकते हैं। इन खामियों को खोजने और उनकी जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहम भूमिका रही। इसके बाद Google, OpenAI और Amazon समेत कई टेक कंपनियां सिक्योरिटी मजबूत करने में जुट गईं। कई देशों में गवर्मेंट ऑर्गनाइजेशंस और अन्य इंस्टीट्यूट्स ने जोखिम कम करने के लिए अपनी वेबसाइट्स अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।

BBC और CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इन खामियों को PHP2Shell नाम दिया गया है। इन्हें CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619 के रूप में रजिस्टर किया गया है। ब्रिटेन की नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर (NCSC) ने इन्हें गंभीर बताते हुए प्रभावित सिस्टम को जल्द अपडेट करने की सलाह दी है।

AI ने कैसे खोजीं खामियां?

PHP एक ओपन-सोर्स प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिसका इस्तेमाल वेबसाइटों और वेब एप्लिकेशन बनाने में होता है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी Wiz के रिसर्चर्स ने AI मॉडल्स की मदद से इन कमजोरियों की पहचान और जांच की। Google के मुताबिक, उसकी कंपनी Wiz ने AI की मदद से खामियों को समझने और सिक्योरिटी पैच चेक करने का काम किया। OpenAI ने भी रिसर्चर्स और साइबर सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशंस के साथ मिलकर इन खामियों की पहचान और सॉल्यूशन में कॉन्ट्रिब्यूट किया।

हैकर्स के निशाने पर सर्वर

मौजूदा खामियों का फायदा उठाकर अटैकर्स कुछ परिस्थितियों में बिना परमिशन लिए प्रभावित सर्वर पर कोड रन कर सकते हैं। इससे सेंसिटिव डेटा चोरी होने, वेबसाइट्स में बदलाव करने और सर्वर पर कंट्रोल पाने का खतरा पैदा हो सकता है।

Wiz के मुताबिक, PHP का इस्तेमाल इंटरनेट की करीब 70 प्रतिशत वेबसाइट्स में होता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इतनी वेबसाइटें हैक हो चुकी हैं। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि संबंधित सिस्टम प्रभावित है या नहीं और उसमें सुरक्षा अपडेट अप्लाई किया गया है या नहीं।

Amazon ने बताया कि उसकी थ्रेट इंटेलिजेंस टीम ने 17 अक्टूबर को ही अपने हनीपॉट सिस्टम पर अटैक की कोशिश रजिस्टर की थी। यह डेट खामियों के पब्लिक होने से पहले की है। हालांकि, अटैकर्स को इन कमजोरियों की जानकारी कैसे मिली, यह साफ नहीं है।

वेबसाइट चलाने वाले तुरंत करें ये काम

PHP की डेवलपमेंट टीम ने सिक्योरिटी अपडेट जारी किए हैं। वेबसाइट रन करने वालों और आईटी टीमों को अपने PHP वर्जन की जांच कर उसे मिल रहा लेटेस्ट सिक्योरिटी पैच इंस्टॉल करना चाहिए। जो सिस्टम तुरंत अपडेट नहीं किए जा सकते, उन्हें सुरक्षित करने के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह लेनी होगी। वहीं, जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्थायी रूप से इंटरनेट से अलग करना भी एक ऑप्शन है।

फिलहाल इस घटना से सभी वेबसाइटों के हैक होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह मामला दिखाता है कि इंटरनेट की सुरक्षा के लिए समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करना कितना जरूरी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN