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Israel election update: इजरायल इलेक्शन में वोट चोरी के आरोपों में अब खुफिया एजेंसी मोसाद की एंट्री हो चुकी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी ने आरोप लगाया है कि चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के जरिए वोटिंग प्रतिशत बदलने पर काम किया गया है।
इजरायल के आम चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप की जांच बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। इजरायली मीडिया के मुताबिक इस मामले में अब इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की एंट्री हो गई है। वह शिन बेट (इजरायल सुरक्षा एजेंसी) के अधिकारियों की विदेश संबंधित मामलों में मदद करेगी। बता दें, इजरायल में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अरब पार्टियों के पक्ष में मतदान बढ़ाने के लिए कतर समेत कई अन्य देशों ने जमकर पैसा पंप किया है। हालांकि, कतर ने इन आरोपों से इनकार किया है। लेकिन दक्षिण पंथी इजरायली पार्टियां लगातार इस मामले की जांच की मांग कर रही हैं।
इजरायल चुनाव में इस बार अरब पार्टियां किंग मेकर बनकर उभरी हैं। इजरायली यहूदी की तुलना में अरब मुस्लिमों ने चुनाव में बड़े स्तर पर वोटिंग की है। इसको लेकर इजरायल की दक्षिण पंथी पार्टियों ने पश्चिम एशियाई देशों की तरफ से पैसा आने के आरोप लगाए हैं। लगातार आते बयानों के बाद इजरायल की केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष जस्टिस नोम सोहलबर्ग ने इसकी जांच के आदेश दिए थे।
इजरायल में वोट चोरी का विवाद?
इजरायल में लंबे समय से किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। इस चुनाव में भी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पार्टी लिकुड और उनका गठबंधन अपने पिछले प्रदर्शन के मुकाबले में धीमा प्रदर्शन कर पाया है। दो बड़े धड़ों की लड़ाई में इस बार इजरायल की अरब पार्टियां किंग मेकर बनकर उभरी हैं।
शुरुआत में थोड़ी कहासुनी के बाद नेतन्याहू की पार्टी की तरफ से अरब पार्टियों के ऊपर चुनावी धांधली करने के आरोप लगाए गए। पार्टी का दावा है कि चुनाव के दौरान जमकर रिश्वतखोरी, धमकी, हिंसा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक से अधिक मतदान जैसी गतिविधियां हुई हैं।
लगातार बढ़ते विवाद के बीच इजरायल में नेतन्याहू और अन्य नेताओं ने जांच की मांग की। हालांकि, मुख्य विपक्षी नेता लिपिड ने इन खबरों को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह आरोप इतने बड़े नहीं है कि इसके लिए चुनाव नतीजों को रोका जाए। बाद में इजरायल की चुनाव समिति द्वारा स्पष्ट किया गया कि चुनाव नतीजों का शिनबेट की जांच का कोई असर नहीं पड़ेगा। नतीजे अपने तय समय के अनुसार ही जारी किए जाएंगे।
इजरायल चुनाव में फंडिंग में कतर और तुर्किए का नाम
इजरायल में राजनैतिक पार्टियों की तरफ से लगाए गए इन आरोपों में सबसे मुख्य तौर पर कतर और तुर्किए का नाम सामने आया है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों ने अरब नेतृत्व वाली पार्टियों राअम और उनका गठबंधन जॉइंट लिस्ट के पक्ष में चुनाव परिणाम प्रभावित करने की कोशिश की गई है। हिब्रू मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल की पार्टी को संदेह है कि कतर और तुर्किए ने इजरायल में मौजूद उन संगठनों को मदद मुहैया कराई है , जिन्होंने अरब मतदाताओं को मतदान के लिए जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, दोनों पार्टियों ने स्पष्ट तौर पर किसी भी देश का नाम नहीं लिया है।
नेतन्याहू की पार्टी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि विदेशी हस्तक्षेप का उद्देश्य इजरायल में यहूदी दक्षिणपंथी शासन को कमजोर करना और अरब पार्टियों को किंग मेकर बनाकर देश की सुरक्षा नीतियों को प्रभावित करना था।
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