Home rss world hindi इबोला का कहर! कांगो में 2000 मौतें, रिकॉर्ड तेजी से फैला वायरस

इबोला का कहर! कांगो में 2000 मौतें, रिकॉर्ड तेजी से फैला वायरस

7
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Ebola Virus Congo: आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक कुल 4,381 पुष्टि किए गए मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 2,011 मरीजों की मौत हो चुकी है।

मध्य अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैला इबोला का प्रकोप इतिहास का सबसे तेजी से फैलने वाला प्रकोप बन गया है। सरकार की तरफ से जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, पुष्टि किए गए मामलों में मौतों की संख्या 2,000 के आंकड़े को पार कर गई है।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक कुल 4,381 पुष्टि किए गए मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 2,011 मरीजों की मौत हो चुकी है। फिलहाल 704 मरीजों का अलग-अलग आइसोलेशन वार्डों और अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

3 हफ्तों में दोगुनी हुईं मौतें: क्यों भयावह है यह लहर?

15 मई को घोषित किए गए इस इबोला प्रकोप को लगभग तीन महीने बीत चुके हैं। इस महामारी की रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती 1,000 मौतें लगभग 9 हफ्तों में दर्ज की गईं। अगले केवल 3 हफ्तों में और 1000 मौत हो गई।

स्वास्थ्य कर्मियों और राहत एजेंसियों का कहना है कि दूरदराज और दुर्गम इलाकों तक समय पर चिकित्सा सहायता और दवाइयां न पहुंच पाने के कारण मौतों का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ा है।

बुंडीबुग्यो वायरस: न वैक्सीन, न कोई सटीक इलाज

यह इबोला प्रकोप अब तक के दूसरे प्रकोपों से बिल्कुल अलग और ज्यादा खतरनाक है।

  • जायर इबोला (Zaire Ebolavirus): 2014-16 और 2018 में तबाही; इसकी प्रभावकारी वैक्सीन (Ervebo) और इलाज उपलब्ध हैं।
  • बुंडीबुग्यो इबोला (Bundibugyo Virus): 2026 की मौजूदा लहर का कारण; इसकी स्वीकृत वैक्सीन या सटीक इलाज उपलब्ध नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह प्रकोप मई में औपचारिक रूप से सामने आने से पहले ही फरवरी से कांगो के सबसे दूरस्थ और असुरक्षित इलाकों में फैलना शुरू हो गया था।

1976 से अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप

इबोला वायरस की पहचान सबसे पहले 1976 में कांगो की इबोला नदी के पास की गई थी। कांगो के इतिहास में यह इबोला का 17वां और अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप बन चुका है।

डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) और WHO की टीमें जमीनी स्तर पर मरीजों को बचाने और संक्रमण की चेन को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इलाके में जारी अस्थिरता और अप्रूव्ड वैक्सीन न होने के कारण यह महामारी गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN