Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के कारोबार में बदलाव, डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर से मिल रहे नए ऑर्डर और मैन्युफैक्चरिंग कैपासिटी बढ़ाने की योजना से शेयर को सपोर्ट मिल रहा है
- कुछ एक्सपर्ट्स ने शेयर के लिए 1,235 रुपये तक का शॉर्ट टर्म टारगेट बताया है
Multibagger stock: रेमंड लिमिटेड के शेयर (Raymond Share) ने साल 2026 में निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। शेयर की कीमत इस साल अब तक करीब 425 रुपये से बढ़कर 1,050 रुपये तक पहुंच गई है। इस तरह शेयर में साल की शुरुआत से करीब 150% की तेजी देखी गई है। बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के कारोबार में बदलाव, डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर से मिल रहे नए ऑर्डर और मैन्युफैक्चरिंग कैपासिटी बढ़ाने की योजना से शेयर को सपोर्ट मिल रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स ने शेयर के लिए 1,235 रुपये तक का शॉर्ट टर्म टारगेट बताया है।
रेमंड के शेयर में तेजी की क्या है वजह?
बाजार एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर के मुताबिक, रेमंड के शेयर में तेजी के पीछे तीन प्रमुख वजह हैं। पहला, कंपनी का कारोबार अब एयरोस्पेस, डिफेंस और इंजीनियरिंग पर ज्यादा फोकस हो रहा है। दूसरा, कंपनी को नए ऑर्डर मिल रहे हैं। तीसरा, बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ा रही है। कंपनी अपने कारोबार की नई पहचान को देखते हुए नाम बदलकर रेमंड एयरोस्पेस, डिफेंस एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड करने के प्रस्ताव पर भी काम कर रही है। माना जा रहा है कि इससे निवेशकों का ध्यान कंपनी के नए कारोबार और उसकी विकास की संभावनाओं पर जा रहा है।
कंपनी के पास 5,960 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर बुक
रेमंड के डिफेंस और एयरोस्पेस कारोबार को कंपनी की ग्रोथ का अहम हिस्सा माना जा रहा है। बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट नितांत दरेकर के मुताबिक, कंपनी के एयरोस्पेस और डिफेंस कारोबार में करीब 40% की बढ़ोतरी हुई है और यह 123 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी के पास 5,960 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर बुक बताया गया है। इसके अलावा, कंपनी को कई प्रोग्राम से जुड़े नए ऑर्डर भी मिले हैं, जिनमें 300 से ज्यादा पार्ट नंबर शामिल हैं। इन नए ऑर्डर से सालाना करीब 33 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। एनालिस्ट्स का कहना है कि कंपनी के पास मौजूद ऑर्डर और नकदी उसकी विस्तार योजनाओं में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अब कंपनी के लिए इन ऑर्डर को समय पर पूरा करना और उनसे कमाई बढ़ाना अहम होगा।
आंध्र प्रदेश में बढ़ाएगी मैन्युफैक्चरिंग कैपासिटी
रेमंड अपनी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आंध्र प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग कैपासिटी बढ़ा रही है। कंपनी मौजूदा मेगा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के पास एक नई ब्राउनफील्ड सुविधा विकसित कर रही है। इसका मकसद ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों और ज्यादा ऑर्डर को पूरा करना है। कंपनी ने 12 अक्टूबर 2026 को इस विस्तार की जानकारी दी थी। इसके साथ ही राज्य में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर भी काम तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ने की बात कही गई है। मैन्युफैक्चरिंग कैपासिटी बढ़ने से कंपनी को भविष्य में ज्यादा ऑर्डर संभालने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस विस्तार का वास्तविक फायदा कंपनी की लागत, मैन्युफैक्चरिंग और ऑर्डर पूरे करने की कैपासिटी पर निर्भर करेगा।
रेमंड शेयर पर एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
विभावंगल अनुकूलकारा प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य के मुताबिक, कारोबार के अलग-अलग हिस्सों को अलग पहचान मिलने से निवेशकों के लिए कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं को समझना आसान हो सकता है। हाल में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से भी शेयर पर ध्यान गया है। वहीं, केसी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट महेश एम. ओझा के मुताबिक, शेयर के टेक्निकल चार्ट पर तेजी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि शेयर को आगे बढ़ने के लिए कुछ अहम स्तरों को पार करना होगा।
₹1,235 तक जा सकता है शेयर?
महेश एम. ओझा के मुताबिक, रेमंड के शेयर के लिए 1,125 रुपये का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर शेयर इस स्तर के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो यह 1,235 रुपये के आसपास पहुंच सकता है। उन्होंने मौजूदा निवेशकों के लिए 960 रुपये के नीचे सख्त स्टॉप-लॉस रखने की बात कही है। नए निवेशकों के लिए भी उन्होंने मौजूदा भाव पर खरीदारी और गिरावट आने पर धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने का सुझाव दिया है।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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