Source :- LIVE HINDUSTAN
यह पहली बार है जब ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि सरकार ईरान पर हमले करने के लिए ग्रॉक एआई का इस्तेमाल कर रही है। इससे पहले इजरायली सेना भी इसकी मदद से गाजा में हमले करवा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने ईरान युद्ध को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। द इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान पर हजारों मिसाइलें दागने के लिए एलन मस्क के चैटबॉट ‘ग्रोक’ (Grok) का इस्तेमाल किया है। पेंटागन के एक शीर्ष रक्षा अधिकारी के इस बयान के सामने आते ही हलचल मच गई है। संभवतः यह पहली बार है जब अमेरिका ने युद्ध में Grok से मदद लेने की बात स्वीकार की है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की एक अदालत में एक केस के दौरान दलील देते हुए पेंटागन के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रमुख ने इस बात की पुष्टि की है। दरअसल, मस्क की कंपनी xAI पर प्रदूषण फैलाने के आरोपों को लेकर एक मुकदमा चल रहा है। इस मामले में मस्क की कंपनी का बचाव करते हुए पेंटागन के अधिकारी ने एक शपथ पत्र पर दस्तखत किए हैं।
पेंटागन के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अधिकारी कैमरन स्टेनली ने कहा कि इस चैटबॉट का लगातार काम करते रहना राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। उन्होंने बताया कि किस तरह हाल ही में युद्ध के दौरान 96 घंटों के भीतर 2,000 अलग-अलग ठिकानों पर मिसाइलें दागने के लिए इस चैटबॉट का इस्तेमाल किया गया था।
टॉप सीक्रेट मिशन में काम आ रहा मस्क का AI
पेंटागन के अधिकारी के मुताबिक, xAI का जेनेरेटिव एआई चैटबॉट ‘ग्रोक’ चार ऐसे एआई मॉडलों में शामिल है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के अलग अलग जरूरतों को संभालने में सक्षम हैं। कोर्ट फाइलिंग में अधिकारी ने कहा कि पेंटागन xAI के कुछ खास मॉडल पर पूरी तरह निर्भर है। यह मॉडल खास तौर पर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए डिजाइन किए गए हैं।
मीनाब में AI से हुई थी टारगेटिंग?
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान के एक स्कूल पर हुए अमेरिकी हमले में कई बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद एआई सिस्टम के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी शहर मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले के लिए अमेरिकी सेनाएं ही जिम्मेदार थीं। इस हमले में कम से कम 150 बच्चों की मौत हो गई थी। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस स्कूल पर बमबारी के पीछे पेंटागन की एआई-संचालित टारगेटिंग ही है।
युद्ध में बढ़ता जा रहा है AI का चलन
अमेरिका युद्ध में AI का इस्तेमाल करने वाला इकलौता देश नहीं है। सैन्य अभियानों में खुफिया जानकारी जुटाने और संभावित ठिकानों की पहचान करने के लिए एआई टूल्स का इस्तेमाल दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है। इजरायली सेना ने भी गाजा युद्ध के दौरान हमास के नेताओं और बंधकों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर एआई का उपयोग किया था।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN







