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कम हुआ वोडा-आइडिया का घाटा, अब ₹13 वाले शेयर में हलचल की उम्मीद

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Vodafone idea result: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी को 3754 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही में हुए 6608 करोड़ रुपये के लॉस से कम है। बता दें कि वोडाफोन आइडिया ने 10 अगस्त को मार्केट बंद होने के बाद अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी किए। इससे पहले, कंपनी के शेयर की कीमत 12.91 रुपये पर थी। एक दिन पहले के मुकाबले शेयर 1.25% बढ़कर बंद हुआ। जून में शेयर 15.35 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है। अगस्त 2025 में शेयर 6.12 रुपये पर था। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।

रेवेन्यू 11689 करोड़ रुपये रहा

जून तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11689 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही के 11023 करोड़ रुपये से 2.4% अधिक है। ऑपरेटिंग लेवल पर, कंपनी का एबिटा 5,034 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 4,612 करोड़ रुपये था। मार्जिन भी 41.8% से बढ़कर 43.1% हो गया।

एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) की बात करें तो सालाना आधार पर (YoY) 10.2% बढ़कर 195 रुपये हो गया। कंपनी ने कहा कि यह इंडस्ट्री में ARPU में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी थी। हालांकि, असल आंकड़ों के हिसाब से वोडाफोन आइडिया अभी भी अपने कॉम्पिटिटर्स से पीछे है। इसके प्रमुख कॉम्पिटिटर में एयरटेल का ARPU 264 रुपये और रिलायंस जियो का ARPU 215 रुपये है। कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान ARPU में बढ़ोतरी 4G यूजर्स के जुड़ने की वजह से हुई।

मर्जर के बाद पहली बार सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ी

कंपनी ने मर्जर के बाद पहली बार अपने सब्सक्राइबर बेस में नेट बढ़ोतरी की जानकारी दी। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 193.1 मिलियन रहा, जबकि Q4FY26 में यह 192.8 मिलियन था।

कंपनी ने तिमाही के आखिर में 130.1 मिलियन 4G/5G सब्सक्राइबर दर्ज किए, जो पिछले साल इसी अवधि में 127.4 मिलियन थे।

कंपनी को मिला था नोटिस

हाल ही में दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन आइडिया को 26.83 करोड़ रुपये का लिक्विडेटेड डैमेज (अनुबंध के उल्लंघन पर हर्जाना) भरने का नोटिस भेजा है। विभाग का कहना है कि कंपनी 2022 की नीलामी में मिले स्पेक्ट्रम के लिए तय न्यूनतम नेटवर्क विस्तार की शर्तों को पूरा करने में नाकाम रही है। हालांकि, कंपनी ने कहा था कि कामकाज पर कोई आर्थिक या अन्य असर नहीं पड़ेगा। नोटिस की समीक्षा की जा रही है और इस मामले में आगे के कदमों पर विचार किया जा रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN