Source :- LIVE HINDUSTAN
Zen Technologies share: ड्रोन बनाने वाली चर्चित कंपनी जेन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में मंगलवार को हलचल हो सकती है। अगर आपके पोर्टफोलियो में इस कंपनी के शेयर हैं तो मंगलवार को पैनी नजर रखना होगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कंपनी को एक नया ऑर्डर मिला है।
ऑर्डर की डिटेल
जेन टेक्नोलॉजीज ने बताया कि उसे रक्षा मंत्रालय से सिमुलेटर की सप्लाई के लिए 295 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर को एक साल के भीतर पूरा किया जाना है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि न तो उसके प्रमोटर और न ही उसके प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों का ऑर्डर देने वाली अथॉरिटी में कोई हित है और यह कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन की श्रेणी में नहीं आता है। इस नए ऑर्डर से कंपनी का ऑर्डर पाइपलाइन मजबूत हुआ है।
जेन टेक्नोलॉजीज ने जून तिमाही का समापन 1,239.02 करोड़ रुपये के कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक के साथ किया और इसके बाद जुलाई 2026 में टैंक और क्रू गनरी सिमुलेटर के अपग्रेडेशन और इंटीग्रेशन के लिए 177.50 करोड़ रुपये का एक और सिमुलेटर ऑर्डर हासिल किया।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
जून में खत्म हुई तिमाही में जेन टेक्नोलॉजीज ने ₹161 करोड़ का रेवेन्यू बताया। यह पिछले साल की इसी तिमाही में ₹180 करोड़ था। पिछली तिमाही (Q4FY26) के ₹200 करोड़ के मुकाबले भी रेवेन्यू में गिरावट आई। टैक्स के बाद मुनाफा (PAT) की बात करें तो ₹34.5 करोड़ रहा जबकि जून 2025 तिमाही में यह ₹47.75 करोड़ था।
कहने का मतलब है कि साल-दर-साल (YoY) आधार पर इसमें लगभग 28% की गिरावट आई। हालांकि, पिछली तिमाही के ₹31.53 करोड़ के मुकाबले मुनाफे में सुधार हुआ। एबिटा साल-दर-साल 33% घटकर ₹58 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले की तिमाही में यह ₹86 करोड़ था। EBITDA मार्जिन 1,380 बेसिस पॉइंट्स घटकर 40.9% हो गया।
लगातार विस्तार कर रही कंपनी
बता दें कि अपने एंटी-ड्रोन पोर्टफोलियो को और मज़बूत करते हुए कंपनी ने जुलाई के आखिर में ‘हाई-एल्टीट्यूड मैन-पोर्टेबल एंटी-ड्रोन सिस्टम (MPADS)’ लॉन्च किया। यह एक स्वदेशी, हल्का काउंटर-UAS सॉल्यूशन है जिसे पहाड़ी और दूर-दराज इलाकों में काम करने वाले सैनिकों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। वहीं, आर्मी और नेवी के बाद कंपनी अब एयर फोर्स ट्रेनिंग के क्षेत्र में भी विस्तार कर रही है। जेन टेक्नोलॉजीज ने एयर फोर्स के लिए अपने पहले प्रोडक्ट की R&D पूरी भी कर ली है। कंपनी के मुताबिक वह अब इस प्रोडक्ट को कमर्शियलाइज करने की दिशा में काम कर रही है।
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