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क्रेडिट कार्ड वालों के लिए बड़ी चेतावनी! सिर्फ 1 बार लेट हुई EMI पेमेंट से बिगड़ सकता है सब कुछ

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Source :- LIVE HINDUSTAN

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक छोटी सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। कई बार व्यस्त होने, बैंक बैलेंस की कमी या ऑटो-डेबिट फेल होने की वजह से क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर जमा नहीं हो पाता। ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसका नुकसान सिर्फ लेट फीस तक सीमित रहेगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। पेमेंट कितने दिन लेट हुआ और बैंक ने उसे क्रेडिट ब्यूरो को कब रिपोर्ट किया, इसका असर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर पड़ सकता है।

एक गलती से कितना असर पड़ सकता है?

बैंक आपके लोन या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ही नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि आप समय पर पेमेंट करते हैं या नहीं। अगर क्रेडिट कार्ड का बकाया लंबे समय तक जमा नहीं होता और इसकी जानकारी क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों को रिपोर्ट की जाती है, तो इसका असर आपके क्रेडिट रिकॉर्ड पर पड़ सकता है। हालांकि, एक बार की देरी आपकी पूरी फाइनेंशियल छवि को हमेशा के लिए खराब नहीं करती। अगर इसके बाद आप लगातार समय पर पेमेंट करते हैं, तो आपकी रिपेमेंट हिस्ट्री बेहतर बनी रह सकती है।

सिर्फ लेट फीस नहीं, ब्याज भी बढ़ा सकता है बोझ

क्रेडिट कार्ड का पेमेंट देर से करने पर बैंक की ओर से लेट फीस लग सकती है। इसके अलावा बकाया रकम पर कार्ड के नियमों के मुताबिक ब्याज और अन्य फाइनेंस चार्ज भी लग सकते हैं। अगर आपने सिर्फ बिल का कुछ हिस्सा चुकाया है, तो बची हुई रकम पर आगे भी ब्याज लग सकता है। यानी एक छोटी सी देरी आपके खरीदारी के खर्च को उम्मीद से कहीं ज्यादा महंगा बना सकती है।

मिनिमम पेमेंट को न समझें पूरा समाधान

कई लोग सिर्फ मिनिमम अमाउंट जमा करके सोचते हैं कि बिल की समस्या खत्म हो गई। लेकिन ऐसा नहीं है। मिनिमम पेमेंट करने से बाकी बकाया रकम खत्म नहीं होती और उस पर ब्याज लग सकता है। इसलिए जब संभव हो, हर महीने पूरा स्टेटमेंट अमाउंट चुकाना बेहतर आदत है।

ऑटो-डेबिट फेल हुआ तो तुरंत करें ये काम

अगर पेमेंट भूलने के बजाय ऑटो-डेबिट फेल हुआ है, तो बैंक से इसकी वजह पता करें। खाते में पर्याप्त बैलेंस न होना, ऑटो-डेबिट मैंडेट की समस्या या अन्य तकनीकी कारण इसकी वजह हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में जितनी जल्दी हो सके पेमेंट करें।

एक गलती और बार-बार देरी में बड़ा फर्क

लेंडर के लिए एक बार की गलती और लगातार देर से पेमेंट करना एक जैसा नहीं होता। इसलिए समय पर भुगतान करने की आदत बनाए रखना बेहद जरूरी है। बिल की तारीख के रिमाइंडर लगाएं, ऑटो-पे की सुविधा रखें और सैलरी आने के आसपास पेमेंट डेट सेट करें। ये छोटे कदम आपकी जेब और क्रेडिट रिकॉर्ड दोनों को सेफ रखने में मदद कर सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN