Source :- LIVE HINDUSTAN
आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल आंखों के सूखेपन, एलर्जी, संक्रमण और सूजन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ड्रॉप खुलने के बाद ये कितने दिन में खराब होती है? नहीं तो डॉक्टर से समझिए
आई ड्रॉप को आंखों में कुछ बूंदों के रूप में डाला जाता है। अलग-अलग आई ड्रॉप में अलग-अलग दवाएं या लुब्रिकेंट होते हैं, इसलिए उनका इस्तेमाल समस्या के अनुसार बदलता रहता है। आंखों के सूखेपन, एलर्जी, संक्रमण और सूजन जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता है। हालांकि, ज्यादातर लोग आईड्रॉप का इस्तेमाल करने पर कुछ गलतियां करते हैं। ऐसे में मोतियाबिंद और रिफ्रैक्टिव आई सर्जन डॉ. राहिल चौधरी ने आई ड्रॉप की एक्सपायरी डेट से जुड़े एक जरूरी लेकिन अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले नियम के बारे में बताया है। आप भी जानिए-
क्या कहते हैं आई डॉक्टर
डॉक्टर ने बताया कि एक ड्रॉप के बोतल पर छपी एक्सपायरी डेट तभी तक मान्य होती है जब तक बोतल की सील रहती है। एक बार सील खुलने के बाद इसे इस्तेमाल करने का समय तय हो जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि जैसे ही आई ड्रॉप की बोतल खोली या सील तोड़ी जाती है, उसकी शेल्फ-लाइफ घटकर सिर्फ 1 महीना रह जाती है। यानी अगर किसी आई ड्रॉप की एक्सपायरी नवंबर 2027 है लेकिन अगर इसे अक्टूबर 2026 में खोल लिया जाता है तो ये नवंबर 2026 में ही खराब हो जाएगी। दरअसल एक बार सील खुलने के बाद हवा के संपर्क में आने से कंटैमिनेशन (गंदगी या बैक्टीरिया) का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए बोतल खोलने के 30 दिन बाद बची हुई दवा को सुरक्षित रूप से फेंक देना चाहिए, चाहे लेबल पर कोई भी तारीख छपी हो।
खोलने के बाद आई ड्रॉप कैसे रखें?
-बोतल के ढक्कन को अच्छी तरह बंद करके रखें।
-आमतौर पर इसे कमरे के तापमान पर रखा जाता है और धूप-गर्मी से दूर रखना होता है।
-ड्रॉपर की नोक को आंख, उंगली या किसी सतह से न छुएं इससे संक्रमण हो सकता है।
– किसी दूसरे व्यक्ति के साथ आई ड्रॉप शेयर न करें।
– अगर पैक पर फ्रिज में रखने के बारे में लिखा है, तो ड्रॉप को फ्रिज में ही रखें। हर आई ड्रॉप को फ्रिज में रखना जरूरी नहीं है।
खराब आई ड्रॉप इस्तेमाल करने से क्या हो सकता है?
– पुरानी या दूषित आई ड्रॉप यूज करने से आंख में जलन, रेडनेस या दर्द बढ़ सकता है।
– संक्रमण हो सकता है या मौजूदा संक्रमण बिगड़ सकता है।
– धुंधला दिखाई दे सकता है।
– गंभीर मामलों में कॉर्निया को नुकसान और डैमेज पर असर पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN


