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चीखने-चिल्लाने के बाद भी बच्चा होमवर्क पूरा नहीं करता, बस करें ये 1 काम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हर रोज बच्चे को पढ़ाने के टाइम पर घर में चीखना-चिल्लान होता है। क्योंकि, बच्चा बगैर चिल्लाए पढ़ने के लिए बैठता ही नहीं, तो आज से बस इस पैरेंटिंग कोच की बताई ये सिंपल सी ट्रिक को फॉलो करें। फिर देखें कैसे बच्चे का सारा होमवर्क कंप्लीट होगा

छोटे बच्चों को घर में पढ़ाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। वो पढ़ाई के नाम से ही भागते हैं। खासतौर पर बच्चे होमवर्क बिल्कुल करना ही नहीं चाहते। नतीजा आप किताबें और कॉपी खोलकर उसके सामने जोर-जोर से चिल्लाते हैं और बार-बार उसे पढ़ने के लिए बोलते हैं। नतीजा, या तो बच्चा बहुत तेजी से रोना शुरू कर देता है या फिर वो पढ़ता ही नहीं और वहां से भाग जाता है। दोनों ही सिचुएश में आप बच्चे पर गुस्सा निकालती हैं। हर रोज की यहीं कहानी घर में दोहराई जाती है। अगर आपका बच्चा भी इसी तरह से रोज होमवर्क नहीं करता है तो पैरेंटिंग कोच डॉक्टर खुशबू की ये एक सिंपल तकनीक आपकी मदद करेगी।

बच्चे को धक्का नहीं, चाहिए चिंगारी

आप सोचती हैं कि बच्चा बहुत ही आलसी है और उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता लेकिन डॉक्टर खूशबू बताती हैं कि आपका बच्चा लेजी नहीं है बस किसी पुराने स्कूटर के इंजन की तरह उसका दिमाग भी ठंडा है। और जैसे आप उस पुराने स्कूटर को किक मारकर और चोक करके स्टार्ट करते थे ना कि चिल्लाते हुए उसे ऊंचाई पर लेकर जाते थे। ठीक उसी तरह से बच्चे के दिमाग के ठंडे इंजन को गर्म करने में आपका चीखना-चिल्लाना हेल्प नहीं करेगा। बल्कि एक चिंगारी उसे होमवर्क करने के लिए उकसाएगी। और वो सारा होमवर्क झटपट खत्म करेगा।

बच्चे का लगेगा पढ़ाई में मन

हर रोज घर में एक ही ड्रामा दिखाई देता है। पैरेंट्स बोलते हैं बच्चे का पढ़ाई में मन ही नहीं लगता और बच्चा होमवर्क के नाम पर जोर-जोर से रोता रहता है। तो बच्चे को केवल एक अच्छी शुरुआत की जरूरत होती है। और इस काम में बस आपको यहीं एक चीज मदद कर सकती है। बच्चे से बोलें बस 5 मिनट, बस पांच मिनट होमवर्क कर लो फिर तुम्हारी मर्जी। एक बार में केवल 5 मैथ के सवाल, एक बार बच्चा होमवर्क करने बैठ गया तो फिर समझिए पूरे 25 मिनट तक पढ़ डालेगा।

बच्चे को गलती करने की इजाजत दें

बच्चे कई बार होमवर्क से नहीं डरते बल्कि आपके गलती पर डांटने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि पैरेंट्स उसे जज करेंगे। इसलिए होमवर्क शुरू कराने से पहले ही बच्चे से ये बोलें कि तुम पढ़ो, जहां गलती होगी वहां मैं बताउंगा या बताउंगी। इस तरह से बच्चे को बिना जज किए बैठकर पढ़ने की चिंगारी दीजिए। फिर देखिए कैसे बच्चा हर दिन अपना पूरा होमवर्क भी करेगा और उसके साथ सारी स्टडी मन लगाकर भी करेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN