Source :- LIVE HINDUSTAN
इतिहास में सिर्फ एक बार भारत ने फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था, लेकिन खेल नहीं सका था। जानिए कब और कैसे क्वालीफाई हुआ था और क्यों नहीं खेल सका था, पूरी कहानी।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून से होने जा रहा है। यह बड़ा टूर्नामेंट अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस विशाल टूर्नामेंट के लिए कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं, लेकिन भारतीय टीम इस विश्व कप में शामिल नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि फीफा विश्व कप क्वालीफायर राउंड में ही भारत तीसरे दौर के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका और टूर्नामेंट में प्रतिभागी नहीं बन सका।
फुटबॉल विश्व कप के लिए भारत का इतिहास निराशाजनक रहा है। भारतीय टीम ने इतिहास में कभी भी फीफा विश्व कप में हिस्सा नहीं लिया है। हालांकि, 1930 से आयोजित किए जा रहे इस टूर्नामेंट में एक बार भारतीय टीम ने सीधे क्वालीफाई कर लिया था, लेकिन कुछ कारणों की वजह से टीम इंडिया वर्ल्ड कप में शामिल नहीं हो सकी थी।
साल 1950 में ब्राजील में आयोजित हुए फीफा विश्व कप में भारतीय टीम ने सीधे क्वालीफाई कर लिया था। 1942 और 1946 में दूसरे विश्व युद्ध के प्रभाव के चलते 8 साल तक डिले रहा यह टूर्नामेंट 12 साल बाद खेला जा रहा था। इस विशाल टूर्नामेंट के लिए पहले क्वालीफाइंग राउंड का आयोजन हुआ था, जिसमें 33 टीमों ने अपना नाम दिया था। इस क्वालीफाइंग राउंड के ग्रुप 10 में भारत को बर्मा (म्यांमार) और फिलिपींस के साथ जगह मिली थी। हालांकि, इसके बाद दिलचस्प किस्सा यह हुआ था कि म्यांमार और फिलिपींस ने क्वालीफाइंग राउंड के बीच में ही फीफा विश्व कप से अपना नाम वापस ले लिया। इसके कारण भारत को सीधे तौर पर क्वालीफाई मान लिया गया था।
भारतीय फैंस काफी खुश थे कि भारतीय फुटबॉल टीम पहली बार फीफा विश्व कप में खेलने के लिए रवाना हो रही है। 15 जून 1950 को टीम को ब्राजील रवाना होना था, स्क्वॉड का ऐलान भी कर दिया गया था। पूल-3 में भारत को पराग्वे और स्वीडेन और इटली के साथ खेलना था। तय हुआ कि 25 जून को टीम इंडिया का पहला मैच पर पराग्वे से होगा। भारत के पास शानदार मौके थे। पैराग्वे की टीम उसे दौरान अच्छी नहीं थी और इटली ने भी अपने मजबूत खिलाड़ियों को नहीं भेजा था। एकमात्र स्वीडन की टीम मजबूत थी।
ब्राजील ना भेजने का कारण स्पष्ट नहीं
हालांकि, सब कुछ तय होने के बाद भी भारतीय टीम को ब्राजील रवाना नहीं किया गया। कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि उस दौरान भारतीय फुटबॉल फेडरेशन के पास यात्रा संबंधी व्यय और बजट ना होने के कारण टीम इंडिया को रवाना नहीं किया गया। हालांकि, कारण बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि उस दौरान भारतीय टीम को फीफा विश्व कप के लिए क्यों नहीं भेजा गया था। उस दौरान फैंस निराश थे और आज जब 76 साल बाद भारतीय टीम के फुटबाल प्रशंसक तिरंगे को फीफा विश्व कप में नहीं देखते हैं तब मायूस होते हैं। उनको यह याद आता है कि अगर भारत ने 1950 में टीम भेज दी होती तब फीफा विश्व कप में भारतीय टीम का नजारा कुछ और ही हो सकता था किस्मत बदल सकती थी।
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