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Best FD Rates: एक तरफ शेयर बाजार में पिछले एक साल में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, गोल्ड मार्केट में काफी उथल-पुथल मची हुई है। ऐसे में निवेशकों के लिए मौजूदा समय में एफडी एक बेहतर विकल्प बन कर उभरा है। बैंक से लेकर NBFC तक एफडी पर अच्छा रिटर्न मिल रहा है। लेकिन कई स्कीम में कंपनी एफडी निवेशकों को 9.1 प्रतिशत तक का रिटर्न दे रही है। आइए समझते हैं कि क्या होती है यह कंपनी एफडी? किस स्कीम में 9.1 प्रतिशत तक का रिटर्न ग्राहकों को मिल रहा है?

ज्यादातर बैंकों की तरफ से मौजूदा समय में फिक्सड डिपॉजिट पर 9 प्रतिशत तक का ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से सामान्य नागरिकों की तुलना में 50 बेसिस प्वाइंट अधिक ब्याज मिलता है।

बैंकों से अधिक ब्याज

कॉरपोरेट या कंपनी एफडी वो फिक्सड डिपॉजिट हैं जो एनबीएफसी या फिर एचएफसी स्वीकार्य करते हैं। मौजूदा समय में यह बैंक से अधिक ब्याज दे रहे हैं। Muthoot Capital की तरफ से 7.9 प्रतिशत से 9.1 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, श्रीराम फाइनेंस की तरफ से 7 प्रतिशत से 7.6 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। इसके अलावा HUDCO की अलग-अलग स्कीम पर 7 प्रतिशत से 7.25 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है।

महिंद्रा फाइनेंस की तरफ से 7 प्रतिशत, सुंदरम फाइनेंस की तरफ से 7 प्रतिसत और एलआईसी की तरफ से 6.9 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। पीएनबी फाउसिंग फाइनेंस की तरफ से 6.9 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस की तरफ से 6.95 प्रतिशत का रिटर्न एफडी पर दिया जा रहा है।

नहीं मिलती है कोई सुरक्षा

बैंक डिपॉजिट की तरफ कंपनी एफडी पर कोई भी इंश्योरेंस प्रोटेक्शन जैसे DICGC की सुरक्षा नहीं मिलती है। यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी है। कंपनी एफडी पर दांव लगाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें। सबसे जरूरी रेटिंग है। अगर कंपनी एफडी को AAA या फिर FAAA रेटिंग मिली हुई है तो इस स्थिति में वहां दांव लगाना एक बेहतर विकल्प रहेगा। हालांकि, रेटिंग से ही सिर्फ रिस्क का आकलन नहीं किया जा सकता है। जिन निवेशकों को रिस्क लेना पसंद है उनके लिए कंपनी एफडी एक बेहतर ऑप्शन है।

महीने के हिसाब से भी ले सकते हैं ब्याज

कंपनी एफडी एक खासियत यह है कि यहां ब्याज आप महीने, तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ कंपनी एफडी ब्याज को फिर से निवेश का विकल्प देते हैं। इससे निवेशकों को लॉन्ग टर्म में मोटा रिटर्न मिल सकता है। बता दें, कुछ स्कीम में लोन की भी सुविधा रहती है।

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