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जापान में नमस्ते या फिर किसी गेस्ट के वेलकम में सिर झुकाया जाता है। हालांकि, सिर झुकाने के पीछे कई मायने छिपे हैं। यहां हम आपको सिर झुकाने के कायदे और बॉडी लैंग्वेज के 6 दिलचस्प संकेत बता रहे हैं। जानिए
जापान की संस्कृति में बॉडी लैंग्वेज का खास महत्व है। यहां अक्सर सिर झुकाने से लेकर बातचीत के दौरान हावभाव तक के हर संकेत के अपने मायने हैं। किसी को बुलाने से लेकर बिल मांगने तक, जापानी इशारों को सीखकर आप जापान में बिना एक शब्द बोले भी अलग-अलग सामाजिक स्थितियों को आसानी से संभाल सकते हैं। बीबीसी डॉट कॉम की रिपोर्ट में जापानी पत्रकार मिजुकी उचियामा ने जापानी बॉडी लैंग्वेज और सिर झुकाने के कायदों के बारे में बताया है। मिजुकी टोक्यो और ओसाका, दोनों जगहों पर एक दशक से ज्यादा समय तक रही हैं। वह कहती हैं कि बाहरी लोगों के लिए जापानी बॉडी लैंग्वेज थोड़ी उलझन भरी लग सकती है। जैसे की आपका बाय करने का तरीका भी इस बात के आधार पर अलग हो सकता है कि आप इसे किससे कह रहे हैं। यहां जानिए ऐसे 6 खास बॉडी लैंग्वेज के बारे में बता रहे हैं जो बिना शब्दों के बात कहने के तरीके को समझने में मदद करेंगे।
पहली बार मिलने पर क्या करें
मिजुकी बताती हैं कि जब वह अपनी उम्र के किसी दोस्त को अलविदा कहती हैं, तो आमतौर पर वेव करके विदा लेती हैं। लेकिन अगर वह किसी बड़े व्यक्ति को अलविदा कह रही होती हैं, भले ही मैं उन्हें अच्छी तरह जानती हों तो वह उनके सामने सिर झुकाती हैं। अपने से बड़ों के सामने वह कभी भी उनकी ओर उंगली से इशारा नहीं करती, चाहे वह उन्हें कितना भी अच्छे से क्यों न जानती हों। इसके अलावा किसी से पहली बार मिलने पर भी हाथ नहीं मिलाया जाता है।
बड़ों के सामने सिर झुकाना
चाहे आप किसी भीड़-भाड़ वाली पर्यटक जगह पर हों या किसी इजकाया (गैस्ट्रोपब) में हों या पब्लिक ट्रांसपोर्ट में हों। जापान में आपसे केवल एक साल बड़ा व्यक्ति भी आपका ‘सेनपाई’ यानी सीनियर माना जा सकता है। यही कारण है कि मिजूकी अपने से बड़ों के सामने सिर झुकाती हैं। वह किसी जान-पहचान वाले, विजिटर या सेवा देने वाले व्यक्ति के सामने थोड़ा सा सिर झुकाती हैं। वह कहती हैं कि मैं कितना नीचे सिर झुकाती हूं, इससे पता चलता है कि मेरे मन में कितना सम्मान, कृतज्ञता या माफी का भाव है।
‘ओमोइयारी’- दूसरों का खयाल रखना
जापानी बॉडी लैंग्वेज से जुड़ा एक और कॉन्सेप्ट है ‘ओमोइयारी’। इसका मतलब है दूसरों का खयाल रखना यानी यह सोचना कि सामने वाला व्यक्ति कैसा महसूस कर रहा होगा और उसी के हिसाब से समझदारी से बर्ताव करना। मिजूकी बताती हैं कि दूसरों को परेशानी न हो इसके लिए इशारे बहुत हल्के और संयमित होते हैं, न कि बहुत बढ़ा-चढ़ाकर किए गए।
इसमें दूसरों की ‘पर्सनल स्पेस’ का सम्मान करने के लिए बातचीत के दौरान एक निश्चित दूरी बनाई रखी जात है और शारीरिक संपर्क जैसे छूना केवल खास मौकों पर ही किया जाता हैं। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर दूसरों के लिए चुपचाप जगह बना दी जाती है। इसके लिए भी एक खास इशारा होता है।
जापानियों से जुड़ने में मदद करेगी बॉडी लैंग्वेज
वह कहती हैं कि सभी जापानी लोग एक ही तरह से बातचीत नहीं करते और हर इशारे का कोई छिपा हुआ मतलब नहीं होता। जैसे ‘थंब्स-अप’ का मतलब जापान में भी वही है जो कई पश्चिमी देशों में होता है। लेकिन अगर आप जापान घूमने आए हैं, तो भले ही आपको जापानी भाषा न आती हो, लेकिन बॉडी लैंग्वेज को समझना आपको जापानियों से जुड़ने में मदद कर सकता है।
6 आसान बॉडी लैंग्वेज
1) किसी नए से मिलने पर या फिर आपसे बड़ी उम्र के व्यक्ति से मिलने पर हाय कहने के लिए हाथ ना मिलाएं बल्कि सामन की ओर झुकें।
2) रेस्तरां में खाने की चीजों को देखकर पॉइंट किया जा सकता है लेकिन किसी व्यक्ति को पॉइंच करना गलत है।
3) किसी को अपने पास बुलाने के लिए हाथों को सामने रखकर इशारा ना करें। बल्कि अपने हाथ को चेहरे के पास रखें और नीचे की तरफ झुकी उंगलियों से इशारा करें। सामने रखे हाथों से किसी को बुलाने का मतलब है कि आप उन्हें फाइट करने के लिए बुला रहे हैं।
4) रेसरां में वेटर को बुलाने के लिए हाथों को ऊपर करने की जगह दोनो हाथ की पहली उंगली को मिलाते हुए क्रॉस बनाएं।
5) किसी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को यूज करते समय लोगों के शोल्डर को टच करने की जगह हथेली को सामने की तरफ रखें।
6) गुड बाय कहने के लिए भी सामने की ओर झुकें।
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