Source :- LIVE HINDUSTAN

कई बार ऑफिस में या फिर घर-परिवार में ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें प्यार की भाषा समझ नहीं आती। ऐसे में खुद भी गुस्सा आता है और कोई काम भी सही से नहीं हो पाता। अगर आप भी कुछ जिद्दी लोगों से घिरे हुए हैं, तो हम आपको उनसे निपटने के 7 तरीके बताने जा रहे हैं।

कुछ लोगों को प्यार से बात समझ नहीं आती या कहें कि वे आपकी बात समझना ही नहीं चाहते। वहीं गुस्से में कुछ कहने पर काम और संबंध दोनों बिगड़ने का डर रहता है। ऐसे लोगों से निपटने के लिए कौन से कदम उठाए जा सकते हैं, आइए आपको बताते हैं।

  • अपनी ऊर्जा बचाएं

उस बात को कंट्रोल करने की कोशिश न करें, जो आपके कंट्रोल से बाहर है। अपनी ऊर्जा को उस बातचीत या स्थिति पर लगाएं, जिसे आप बदल सकते हैं। बात करते समय पहले के या हालिया मनमुटावों को बीच में न लाएं, वर्तमान की बात करें।

  • प्रतिक्रिया देने से पहले रुकें

कोई भी उत्तर देने से पहले सोचने के लिए कुछ सेकेंड का समय लें। अपनी प्रतिक्रिया दबाव या गुस्से के बजाय शांत और स्थिर तरीके से सामने रखें। अगर कोई गुस्से से चिल्ला भी रहा है, तो आप आपा न खोएं। ऐसे में स्पष्ट और स्थिरता से अपनी बात कह दें।

  • अपनी भावनाओं को समझें

अपनी उथल-पुथल को स्वीकार करें। अपनी सोच को भी चुनौती दें। सामने वाले व्यक्ति की ऐसी कौन सी बात है, जो आपको नापसंद है या फिर गुस्सा दिलाती है। क्या उस बात को आपके वर्तमान काम से कोई संंबंध है? अगर नहीं, तो उस टॉपिक से बचते हुए बात करें। कई बार किसी एक पहलू या विचार के गलत होने पर हम पूरे व्यक्ति को ही गलत मान लेते हैं।

  • दिमाग शांत रखें

जब तनाव बढ़ने लगे, तो गहरी और धीमी सांसें लें, अपनी मांसपेशियों को ढीला छोड़ें या कुछ पलों के लिए उस माहौल से मानसिक रूप से दूरी बना लें। जरूरत पड़ने पर कदम पीछे खींचें। यदि बातचीत में तनाव या कड़वाहट बढ़ जाए, तो तन और मन दोनों तरह से कुछ समय की दूरी बना लें। एक छोटा-सा ब्रेक आपकी स्पष्टता बढ़ाएगा और बात भी नहीं बढ़ेगी।

  • विरोधी बन बात न करें

सामने वाले को अपना विरोधी समझते हुए बात न करें। इस ढंग से बात करें कि आप उनके साथ मिलकर उस काम को पूरा करना चाहते हैं। पसंद या नापसंद से परे अपनी प्राथमिकता काम को बनाएं।

  • दूसरों का नजरिया समझें

अगर दूसरे आपकी बात पर सवाल उठा रहे हैं या काम से जुड़ी समस्या बता रहे हैं, तो उनकी बात को समझने की कोशिश करें। उनकी मंशा पर सवाल न उठाते हुए उनसे समाधान मांगें।

  • एक सीमा तय करें

लोगों से स्पष्ट और शांत तरीके से कम्युनिकेशन करें। उनसे बताएं कि व्यवहार और समय-सीमा के मामले में आपकी अपेक्षाएं क्या हैं। उनकी बात सुनने और समझने के लिए पर्याप्त समय दें, पर ऐसा न हो कि उनकी डिमांड की वजह से आपका अपना समय बिखर जाए।

हिंदुस्तान अखबार के सहयोग से

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