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टॉप-10 से बाहर हुआ NSE का शेयर, निवेशकों के लिए आया बड़ा संकेत; एक्सपर्ट ने बताए 2 अहम लेवल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • हाल ही में लिस्ट हुआ NSE का शेयर ₹1,878 के शुरुआती हाई से फिसलकर IPO के ₹1,785 अपर प्राइस बैंड के नीचे आ गया है
  • मार्केट कैप के लिहाज से NSE अब भारत की टॉप-10 सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनीज से बाहर होकर 12वें स्थान पर पहुंच गई है
  • आइए जानते हैं कि टेक्निकल एनालिस्ट क्या कह रहे हैं?

NSE Share Price down: भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में लिस्ट हुआ NSE का शेयर लगातार बिकवाली के दबाव में है। BSE पर ₹1,800 के भाव पर लिस्टिंग के बाद शेयर शुरुआती कारोबार में ₹1,878 तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली ज्यादा हुई। बीते सोमवार को शेयर ने IPO के अपर प्राइस बैंड ₹1,785 के नीचे कारोबार किया। वहीं, आज 29 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भी बंपर बिकवाली देखने को मिली। इस गिरावट के कारण NSE अब भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की टॉप-10 लिस्ट से बाहर हो गया और 12वें स्थान पर पोजिशन ली।

BSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मार्केट कैप के लिहाज से NSE इस समय 12वें पायदान पर है। इसके ऊपर हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां हैं। लिस्टिंग के दिन NSE कुछ समय के लिए देश की 10वीं सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गया था और इसने हिंदुस्तान यूनिलीवर को एक पायदान नीचे कर दिया था। हालांकि, लिस्टिंग के बाद लगातार आई गिरावट के कारण कंपनी की मार्केट कैप में कमी हुई और इसकी रैंकिंग भी नीचे चली गई।

शेयर के टेक्निकल लेवल्स पर नजर डालें तो मार्केट एक्सपर्ट ने ₹1,760 को तत्काल सपोर्ट जोन बताया है। वहीं, ₹1,795 के आसपास रेजिस्टेंस है। SEBI-रजिस्टर्ड मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, शेयर ₹1,795 के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो ₹1,880 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है। इसके उलट ₹1,760 के नीचे कमजोरी बढ़ती है, तो शेयर ₹1,700 तक फिसल सकता है। इसलिए आने वाले सत्रों में ये दोनों स्तर काफी महत्वपूर्ण रहेंगे।

हालांकि, NSE की हालिया गिरावट को केवल टेक्निकल कमजोरी के नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार में मौजूदा कमजोर रुझान का असर NSE के शेयर पर भी पड़ रहा है। SMC ग्लोबल सिक्योरीटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव ने NSE को लंबी अवधि के पोर्टफोलियो स्टॉक के तौर पर देखा है। उनके मुताबिक NSE का कारोबार भारतीय इकोनॉमी और कैपिटल मार्केट की गतिविधियों से जुड़ा है। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि NSE को केवल छोटी अवधि के ट्रेडिंग स्टॉक की तरह देखने के बजाय लंबी अवधि के नजरिए से देखा जाना चाहिए।

लिस्टिंग के बाद शेयर में आई गिरावट के बीच निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि IPO प्राइस से नीचे कारोबार करना अपने आप में कंपनी के फंडामेंटल (Fundamentals) के कमजोर होने का संकेत नहीं है। दूसरी तरफ शेयर की हालिया प्राइस एक्शन में लगातार बिकवाली जरूर दिखाई दे रही है। इसलिए निवेशकों को केवल गिरती कीमत देखकर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनी के वैल्युएशन, बाजार की दिशा और अपने निवेश हॉरिजन को ध्यान में रखना चाहिए।

NSE के शेयर के लिए फिलहाल ₹1,760 और ₹1,795 के स्तर बाजार की दिशा समझने में अहम माने जा रहे हैं। ₹1,760 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर ₹1,700 का स्तर अगला टेक्निकल जोन (Technical Zone) हो सकता है, जबकि ₹1,795 के ऊपर टिकने पर ₹1,880 की तरफ वापसी की संभावना पर नजर रहेगी। ये टेक्निकल लेवल एक्सपर्ट की राय पर आधारित हैं और भविष्य की कीमत की गारंटी नहीं देते। निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपनी रिस्क कैपेसिटी और इंवेस्टमेंट स्ट्रेटजी को ध्यान में रखना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN