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US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच आज बुधवार को ही समझौता ज्ञापन (MoU) पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर हो सकते हैं। शुक्रवार को प्रस्तावित आमने-सामने समारोह से पहले दोनों पक्ष दूरस्थ माध्यम से MoU साइन करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में आज (बुधवार ) का दिन अहम साबित हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश मध्यस्थकर्ता देशों की मदद से शुक्रवार को प्रस्तावित आमने-सामने हस्ताक्षर समारोह की बजाय आज ही दूरस्थ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर ईरान पर बमबारी की धमकी दी है।

एक्सियोस ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया कि यह बदलाव समझौते की समय-सारणी में तेजी लाएगा और कई महत्वपूर्ण प्रावधान तुरंत प्रभावी हो जाएंगे। खासतौर पर हॉर्मुज स्ट्रेट से संबंधित हिस्से तत्काल लागू किए जा सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को तुरंत सकारात्मक प्रभाव मिलने की उम्मीद है। साथ ही अमेरिकी प्रशासन समझौते का एग्रीमेंट सार्वजनिक रूप से जारी कर सकेगा।

बदलाव का कारण क्या?

राजनयिक सूत्रों ने बताया कि बदलाव का प्रमुख उद्देश्य शुक्रवार से पहले हॉर्मुज को पूरी तरह खोलना है, जिस पर दोनों पक्ष पहले से सहमत हैं। दूसरा अहम कारण वाइट हाउस पर समझौते का पूरा पाठ जारी करने को लेकर बढ़ता राजनीतिक दबाव है। ईरान ने औपचारिक समारोह तक एग्रीमेंट प्रकाशित न करने की सख्त मांग की थी, लेकिन वाइट हाउस अब इस शर्त के आगे झुकने से साफ इनकार कर चुका है। एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने कहा कि समय में तेजी लाने की कोशिश इसलिए की जा रही है ताकि हॉर्मुज शुक्रवार से पहले खुल सके।

बुधवार को एग्रीमेंट जारी होने की मजबूत संभावना

सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को किसी भी समय समझौते का पूरा एग्रीमेंट सार्वजनिक किया जा सकता है। हालांकि सुबह तक अनुबंध में प्रस्तावित कुछ बदलावों पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। वाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर किसी भी टिप्पणी से इनकार कर दिया है।

शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में अहम बैठक

टाइमिंग में बदलाव के बावजूद मुख्य बैठक का कार्यक्रम जस का तस रहेगा। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद-बागेर गालिबाफ के नेतृत्व में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आमने-सामने बैठक करेंगे। इस बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

रविवार वाली ‘पहली साइनिंग’ का रहस्य बरकरार

इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा विरोधाभास रविवार की घटना को लेकर है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जेडी वैंस और मोहम्मद-बागेर गालिबाफ ने रविवार को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि कई राजनयिक सूत्रों ने इस दावे से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी साइनिंग का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। यदि आज बुधवार को हस्ताक्षर होते हैं तो इसे ‘दूसरी साइनिंग’ माना जाएगा। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दो अलग-अलग हस्ताक्षरों की क्या आवश्यकता पड़ी।

क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप?

रॉयटर्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान के साथ रविवार को जो समझौता हुआ है, उस पर जल्द ही हस्ताक्षर हो जाएंगे, कल या परसों। इससे पहले उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ नया समझौता अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। अगर ईरान शर्तों का पूरा पालन नहीं करता तो युद्ध फिर शुरू करने का विकल्प खुला रहेगा।

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