Home rss business hindi डोनाल्ड ट्रंप लगाएंगे भारत पर 100% टैरिफ? अमेरिकी सीनेट पास किया बिल,...

डोनाल्ड ट्रंप लगाएंगे भारत पर 100% टैरिफ? अमेरिकी सीनेट पास किया बिल, चीन की भी बढ़ेंगी मुश्किलें

7
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Trump Tariffs: अमेरिकी सीनेट ने एक ऐसा कानून पास कर दिया है जो भारत के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है। शुक्रवार को यूएस के इस उच्च सदन ने एक ऐसा बिल पास किया है। जिसकी मदद से अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले 5 बड़े देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अनुमित मिल जाएगी। बता दें, इस बिल का मसकद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई को कम करना है। लेकिन यह भारत, चीन जैसे देशों के लिए नई मुसीबत बनने जा रहा है। अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट में मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक अब निचले सदन प्रतिनिधि सभा में विचार के लिए जाएगा।

दोनों पार्टियों का था समर्थन

इस बिल का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026’ है। जिसे अमेरिकी सदन में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों के समर्थन से लाया गया था। शुक्रवार को इस बिल के समर्थन में 86 वोट और विरोध में 11 वोट मिले थे। दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बिल के लिए विशेष अभियान चलाया था। जिसकी वजह से इसका नाम बदलकर उनके नाम कर पर कर दिया गया।

बता दें, इस बिल को यूक्रेन के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिका खुले तौर पर यूक्रेन के साथ पूरे युद्ध में नजर आया है। इस कानून के जरिए अमेरिका, रूस पर दबाव बनाना चाह रहा है।

भारत और चीन के सामने नई मुश्किल

यह बिल के पास हो जाने से अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले टॉप 5 देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा सकते हैं। भारत और चीन उन देशों में शामिल है। इन दोनों देशों के अलावा अजरबैजान, हंग्री और स्लोवाकिया तीन अन्य टॉप खरीदार देश हैं। बता दें, यह कानून उन देशों पर नहीं लागू होगा जो 15 प्रतिशत कम का नेचुरल गैस रूस से इंपोर्ट कर रहे हैं। साथ ही लगातार अन्य विकल्पों के लिए प्रयास कर रहे हैं।

भारत सरकार का क्या है रिएक्शन

बिल पेश होने के समय पर भारत सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान आया था। 31 जुलाई को जारी बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत का रुख कई बार स्पष्ट किया जा चुका है। यह हमारी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों को विविध स्रोतों के जरिए पूरा करने पर आधारित है, जिसमें अमेरिका भी शामिल है।”

उन्होंने बताया कि भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के संबंधित हितधारकों के साथ विभिन्न स्तरों पर संवाद बनाए हुए है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN