Source :- LIVE HINDUSTAN
चिन एरिया और जॉ लाइन पर मोटे-कड़े बाल निकल आते हैं, इन्हें आप कभी थ्रेडिंग तो कभी वैक्सिंग से हटाती हैं तो ये उपाय जान लें। डायटीशियन ने बताया डाइट में 7 तरह के बदलाव किए जाएं तो इस समस्या से राहत मिल सकती है।
दाढ़ी और जॉलाइन पर मोटे कड़े से बाल इन दिनों दिखने लगे हैं। जिन्हें आप बार-बार वैक्सिंग या फिर थ्रेडिंग से हटाती हैं तो ये गलती करना बंद करें। डायटीशियन मनप्रीत ने 7 बदलाव के बारे में शेयर किया है। जिन्हें अपनी डाइट में अगर शामिल करेंगे तो कुछ दिनों में इन कड़े और मोटे चेहरे पर निकलने वाले बालों से छुटकारा मिल जाएगा। दरअसल, चिन एरिया, जॉ लाइन और चेहरे पर निकल रहे इन मोटे कड़े बालों का कारण हाई एड्रोजेंस होता है, जिसे हेयरसुटिज्म बोलते है। ये समस्या इंसुलिन रेजिस्टेंस की वजह से बढ़ती है। तो इस समस्या को खत्म करने के लिए जरूरी है कि केवल थ्रेडिंग-वैक्सिंग या ट्विजर ना यूज किया जाए बल्कि अपने डाइट में कुछ चेंज करें। जिससे इन फेशियल हेयर की समस्या से छुटकारा मिल सके। जानें कौन से 7 डायटरी चेंज के बारे में डायटीशियन मनप्रीत ने बताया है।
2 कप स्पियरमेंट टी
हर दिन कम से कम दो कप स्पियरमिंट टी पिएं। ये पहाड़ी पुदीने की चाय फ्री टेस्टेस्टेरोन और एड्रोजेंस दोनों के लेवल को कम करती है और चेहरे पर उगने वाले कड़े बालों को रोकने में मदद करती है। तो अगर आप फेशियल हेयर से परेशान चल रही हैं तो स्पीयरमिंट टी को जरूर पिएं।
खट्टे फलों को खाएं
अपनी डाइट में खट्टे फलों को जरूर खाना शुरू कर दें। जो शरीर में इनोसिटोल के लेवल को इंप्रूव करता है। इनोसिटोल एक तरह का नेचुरल कार्ब है जो इंसुलिन सिग्नल और सेरेटोनिन हार्मोन को सही से काम करने में मदद करता है। साथ ही खट्टे फल टेस्टेस्टेरोन लेवल को भी कम करते हैं।
दालचीनी वाटर खाने के बाद
हर रोज खाने के बाद दालचीनी का पानी पिएं। ये शरीर में आपके लिपिड प्रोफाइल को इंप्रूव करता है साथ ही ब्लड शुगर लेवल को रेगुलेट करता है। तो अपने डाइट में सिनेमन वाटर को पोस्ट मील जरूर ऐड करें। दालचीनी का पानी बनाने के लिए दालचीनी को दो कप पानी में उबालें और हल्का ठंडा करके पिएं। करीब एक कप तक उबालकर छानकर पिएं।
पंपकिन सीड्स खाएं
अपने फलों के साथ पंपकिन सीड्स को स्प्रिंकल करके खाएं। पंपकिन सीड्स में जिंक की मात्रा काफी ज्यादा होती है और जिंक ऐसे एंजाइम को ब्लॉक करते हैं जो टेस्टेस्टेरोन मेटाबॉलिज्म में होते हैं।
गोभी, ब्रोकली पकाकर खाएं
खाने में गोभी, ब्रोकली को पकाकर खाएं। ये क्रूसिफायर सब्जियां एस्ट्रोजन मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है और एड्रोजन लेवल को बैलेंस करती हैं।
भीगे मेथी के दाने खाली पेट
हर सुबह खाली पेट भीगे मेथी के दाने खाएं। मेथी के भीगे दाने ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करने और इंसुलिन सेंसेटिविटी को मेंटेंन करते हैं। साथ ही टेस्टेस्टेरोन के लेवल को भी कम करता है।
हल्दी को खाएं
अपने खाने में हल्दी जरूर शामिल करें या हल्दी की चाय पिएं। क्योंकि हल्दी के करक्युमिन इंफ्लेमेशन को कम करते हैं और एड्रोजेंस को मॉड्यूलेट करने में मदद करते हैं।
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