Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- सितंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 102 फीसदी बढ़कर 67 करोड़ रुपये हो गया
- पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 34 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था
- कंपनी के शेयर BSE और NSE पर 20 फीसदी के अपर सर्किट तक पहुंच गए थे
Nilkamal Ltd share: निलकमल लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर BSE और NSE पर 20 फीसदी के अपर सर्किट तक पहुंच गए थे। इसी के साथ यह शेयर आज 2,116.10 रुपये पर पहुंच गया था। शेयरों में इस तेजी के पीछे सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे हैं। बता दें कि सितंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 102 फीसदी बढ़कर 67 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 34 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वहीं, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी 107 फीसदी बढ़कर 89 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 43 करोड़ रुपये था।
कमाई और एबिटा में भी अच्छी बढ़त
कंपनी की ऑपरेशन से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में निलकमल का रेवेन्यू 16.3 फीसदी बढ़कर 1,126 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 968 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, कंपनी का एबिटा यानी ऑपरेटिंग कमाई 54.5 फीसदी बढ़कर 132 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक साल पहले यह 85 करोड़ रुपये था। कंपनी के एबिटा मार्जिन में भी सुधार हुआ। यह पिछले साल के 8.81 फीसदी से बढ़कर इस बार 11.70 फीसदी हो गया।
कर्ज में भी आई कमी
कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने की दिशा में भी प्रगति की है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी का नेट बॉरोइंग यानी शुद्ध उधारी करीब 254 करोड़ रुपये रही। पिछले साल 30 सितंबर 2025 को यह करीब 376 करोड़ रुपये थी। वहीं, दूसरी तिमाही में कंपनी ने करीब 27 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह खर्च करीब 42 करोड़ रुपये था।
कच्चे माल की महंगाई के बीच कंपनी को राहत
कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में भी कच्चे माल की कीमतें ऊंची बनी रहीं। पहली तिमाही में कंपनी ने कच्चे माल की बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर डाला था, लेकिन इसके चलते बिक्री की वॉल्यूम पर असर पड़ा था। कंपनी के मुताबिक, उस दौरान बिक्री वॉल्यूम में 37 फीसदी की गिरावट आई और कैपासिटी का इस्तेमाल 50 फीसदी से भी कम रह गया था। हालांकि, दूसरी तिमाही में कंपनी ने बिक्री के दाम स्थिर रखे और बिक्री वॉल्यूम में सुधार दर्ज किया। कंपनी के मुताबिक, पहली तिमाही के मुकाबले दूसरी तिमाही में बिक्री वॉल्यूम 54 फीसदी बढ़ी। इसके साथ ही, प्रोडक्शन कैपासिटी का इस्तेमाल भी बढ़कर 70 फीसदी से ज्यादा हो गया।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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