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मुख्य बातें
- Pension Scheme: केंद्र सरकार के यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से जुड़े कर्मचारियों के लिए अहम खबर है
- पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 27 अक्टूबर 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के जरिए UPS में योगदान से जुड़े कुछ नियमों को क्लियर किया है
Pension Scheme: केंद्र सरकार के यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) से जुड़े कर्मचारियों के लिए अहम खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने 27 अक्टूबर 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम (OM) के जरिए UPS में योगदान से जुड़े कुछ नियमों को क्लियर किया है। ये नियम प्रोबेशन, सस्पेंशन, ड्यूटी से अनुपस्थिति और डेपुटेशन जैसी स्थितियों में लागू होंगे। सरकार की इस जानकारी से कर्मचारियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग परिस्थितियों में उन्हें और सरकार को पेंशन खाते में कब योगदान करना होगा। आइए जानते हैं डिटेल में…
प्रोबेशन के दौरान भी UPS में योगदान जरूरी
सरकार ने साफ किया है कि UPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को प्रोबेशन यानी नौकरी की शुरुआती प्रोबेशन पीरियड में भी पेंशन योजना में योगदान देना होगा। केंद्रीय सिविल सेवा (UPS का कार्यान्वयन) नियम, 2025 के नियम 6(6) के अनुसार, प्रोबेशन के दौरान कर्मचारी का योगदान जरूरी है। इसका मतलब है कि केवल प्रोबेशन पर होने के आधार पर कर्मचारी को UPS में योगदान करने से छूट नहीं मिलेगी।
सस्पेंशन के दौरान क्या होगा नियम
अगर किसी कर्मचारी को सस्पेंड यानी निलंबित किया जाता है, तो उस दौरान UPS में उसका योगदान करना अनिवार्य नहीं है। नियम 6(2) के अनुसार, कर्मचारी यह चुन सकता है कि वह सस्पेंशन की अवधि में UPS में योगदान जारी
रखना चाहता है या नहीं। वहीं, सरकार के योगदान को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। नियम 7(3) के मुताबिक, अगर निलंबित कर्मचारी UPS में अपना योगदान जारी रखता है, तो सरकार उसके पेंशन खाते में भी योगदान करेगी। लेकिन अगर कर्मचारी इस अवधि में योगदान नहीं करने का विकल्प चुनता है, तो सरकार भी उसके UPS खाते में योगदान नहीं करेगी। अगर बाद में निलंबन की अवधि को ड्यूटी या वेतन सहित छुट्टी के रूप में मान लिया जाता है, तो कर्मचारी के लिए तय वेतन और भत्तों के आधार पर योगदान की दोबारा गणना की जाएगी। सरकार की ओर से जमा की जाने वाली रकम में कोई कमी रह जाती है, तो उसे कर्मचारी के व्यक्तिगत पेंशन खाते में जोड़ा जाएगा। यह राशि संबंधित नेट एसेट वैल्यू (NAV) और यूनिट की गणना के आधार पर जमा होगी।
बिना वेतन छुट्टी या एब्सेंस में क्या होगा?
अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी से एब्सेंट रहता है और उस अवधि के लिए उसे वेतन या छुट्टी का वेतन पाने का अधिकार नहीं है, तो सामान्य नियमों के तहत उस अवधि में UPS में योगदान नहीं करना होगा। नियम 6(3) कर्मचारी के योगदान से जुड़ा है, जबकि नियम 7(2) सरकार के योगदान को लेकर प्रावधान करता है। इसका मतलब है कि छुट्टी या एब्सेंस के दौरान UPS में योगदान होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी उस अवधि के लिए वेतन या छुट्टी का वेतन पाने का एलिजिबल है या नहीं और संबंधित नियम क्या कहते हैं।
UPS में योगदान देर से जमा होने पर क्या होगा?
नियम 8(1) के तहत कुछ परिस्थितियों में देर से जमा हुए योगदान के कारण कर्मचारी के पेंशन खाते में होने वाले नुकसान की भरपाई का प्रावधान है। अगर योगदान जमा होने में देरी कर्मचारी की गलती के कारण नहीं हुई है, तो समय पर निवेश होने की स्थिति में जितनी यूनिट मिलतीं, उन्हें बहाल करने की व्यवस्था लागू हो सकती है। इसका उद्देश्य कर्मचारी के पेंशन फंड को देरी के कारण होने वाले नुकसान से बचाना है। हालांकि, यह लाभ नियमों में निर्धारित शर्तों के अधीन होगा।
डेपुटेशन पर रिटायर होने पर कौन करेगा कार्रवाई?
UPS के नियम 27 के अनुसार, डेपुटेशन पर काम करते समय रिटायर होने वाले कर्मचारी के पेंशन लाभों की प्रक्रिया की जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह किस विभाग या ऑर्गनाइजेशन में तैनात है। अगर कर्मचारी किसी दूसरे केंद्रीय सरकारी विभाग में डेपुटेशन पर रहते हुए रिटायर होता है, तो उधार लेने वाले विभाग यानी जहां कर्मचारी तैनात है, वहां का कार्यालय प्रमुख पेंशन लाभों की प्रक्रिया पूरी करेगा। वहीं, अगर कर्मचारी राज्य सरकार में डेपुटेशन या विदेशी सेवा के दौरान रिटायर होता है, तो डेपुटेशन को मंजूरी देने वाले कार्यालय प्रमुख या कैडर अथॉरिटी की जिम्मेदारी होगी।
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