Source :- LIVE HINDUSTAN
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक करीबी सलाहकार पर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जर्मनी के एक समाचारपत्र को गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक करीबी सलाहकार पर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जर्मनी के एक समाचारपत्र को गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा। यह जानकारी इजरायल के अटॉर्नी जनरल ने गुरुवार को दी। यह सूचना ऐसे समय में सामने आई है जब इस साल देश में चुनाव होने हैं। नेतन्याहू खुद भी भ्रष्टाचार से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं और उनकी गठबंधन सरकार के भीतर बढ़ता तनाव संसद के भंग होने का खतरा पैदा कर रहा है।
गोपनीय दस्तावेज लीक करने की बात
अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहाकि वह 2024 में एक गोपनीय दस्तावेज को ‘जर्मन टैबलॉयड’ को लीक करने के मामले में जोनाथन उरिच पर अभियोग की योजना बना रहा है। वहीं आलोचकों का कहना है कि यह कवायद बेंजामिन नेतन्याहू को गाज़ा युद्ध के दौरान हमास के साथ वार्ताओं के विफल रहने की जिम्मेदारी से मुक्त कराने की है। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहाकि इसके अलावा, उरिच पर गोपनीय जानकारी रखने और सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया जाएगा।
क्या बोले जोनाथन उरिच
बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने प्रस्तावित अभियोग पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लेकिन जोनाथन उरिच के वकीलों ने इजरायल के आर्मी रेडियो चैनल को बताया कि यह निर्णय गलत है और सबूतों से पूरी तरह असंबद्ध है। वहीं, जोनाथन उरिच ने सोशल मीडिया पर एक-लाइन का व्यंग्यात्मक पोस्ट करते हुए कहाकि यह कुछ ऐसा है कि अटॉर्नी जनरल ने मौत की सजा की मांग नहीं की। बेंजामिन नेतन्याहू और उनके करीबी सहयोगियों ने दावा किया है कि अभियोजक और मीडिया उनके पीछे पड़े हुए हैं।
अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने यह नहीं बताया कि अभियोग आधिकारिक रूप से कब दाखिल किया जाएगा। यह एक सामान्य प्रक्रिया है कि अभियोग शुरू किए जाने की घोषणा पहले ही कर दी जाती है। बेंजामिन नेतन्याहू के एक अन्य पूर्व सहयोगी एली फेल्डस्टीन पर भी इसी तरह के आरोप पहले ही लगाए जा चुके हैं।
नेतन्याहू के ऑफिस ने क्या कहा
जोनाथन उरिच और एली फेल्डस्टीन को पिछले वर्ष एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसे इजरायल में ‘कतरगेट’ के नाम से जाना जाता है। उन पर शक है कि उन्होंने सात अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद इजरायल में कतर की सकारात्मक छवि को बढ़ावा देने के लिए उससे धन स्वीकार किया था। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करते हुए किसी विदेशी सरकार से पैसा लिया। बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन लीक और ‘कतरगेट’ मामले को बेकार बताया है और न्यायपालिका पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
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