Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- वेदांता ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों के FY27 की दूसरी तिमाही के बिजनेस अपडेट से तस्वीर काफी अलग नजर आ रही है
- ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि वेदांता पावर, हिंदुस्तान जिंक, वेदांता एल्युमिनियम या वेदांता ऑयल एंड गैस में लंबी अवधि के लिए किसे प्राथमिकता दी जाए
वेदांता पावर, हिंदुस्तान जिंक, वेदांता एल्युमिनियम या वेदांता ऑयल एंड गैस पर दांव लगाने से पहले जानिए एक्सपर्ट की राय।
वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) की अलग-अलग कंपनियों के FY27 की दूसरी तिमाही के बिजनेस अपडेट से तस्वीर काफी अलग नजर आ रही है। कुछ बिजनेस में प्रोडक्शन और सेल्स ने मजबूत प्रदर्शन किया है, जबकि कुछ यूनिट्स ऑपरेशनल चैलेंजेस से जूझ रही हैं। ऐसे में निवेशकों के सामने बड़ा सवाल है कि वेदांता पावर, हिंदुस्तान जिंक, वेदांता एल्युमिनियम या वेदांता ऑयल एंड गैस में लंबी अवधि के लिए किसे प्राथमिकता दी जाए। मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक स्टॉक चुनते समय सिर्फ तिमाही आंकड़ों के बजाय वैल्युम ग्रोथ, कॉस्ट एडवांटेज, बैकवर्ड इंटीग्रेशन और कैपिटल पर मिलने वाले रिटर्न को देखना जरूरी है। आइए इसे जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
वेदांता एल्युमीनियम ने दिखाया मजबूत प्रदर्शन
वेदांता एल्युमीनियम का Q2 FY27 में प्रदर्शन सबसे मजबूत नजर आया। कंपनी ने तिमाही में 649 KT का रिकॉर्ड एल्युमीनियम प्रोडक्शन दर्ज किया। एल्यूमिना उत्पादन भी सालाना आधार पर 37% बढ़कर 895 KT रहा, जबकि वैल्यु-एडेड प्रोडक्ट्स का उत्पादन 31% बढ़कर 432 KT पहुंच गया। सिजीमाली बॉक्साइट ब्लॉक (Sijimali Bauxite Block) के लिए कंसेंट टू ऑपरेट मिलने और BALCO के 525 केए स्मेल्टर पॉटलाइन के दूसरे जोन के शुरू होने से रॉ मटेरियल सप्लाई को लेकर जोखिम कम हुआ है। SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक कंपनी एल्युमीनियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच अपने मार्जिन को सुरक्षित रखने पर जोर दे रही है।
हिंदुस्तान जिंक: डिविडेंट और डिफेंसिव पसंद
अगर निवेशक का फोकस नियमित डिविडेंड, मजबूत कैश फ्लो और डिफेंसिव बिजनेस पर है, तो हिंदुस्तान जिंक एक प्रमुख विकल्प बनकर सामने आता है। सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक यह वेदांता एल्युमीनियम (Vedanta Aluminium) के बाद डिविडेंड और डिफेंसिव कंपाउंडिंग के तौर पर मजबूत स्थिति में है। हालांकि, यहां निवेश का नजरिया ग्रोथ के साथ-साथ कैश जेनरेशन और बैलेंस शीट स्ट्रेंथ पर होना चाहिए।
वेदांता पावर में दिखी ग्रोथ की रफ्तार
वेदांता पावर (Vedanta Power) ने भी Q2 में मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाया। कंपनी की पावर सेल्स सालाना आधार पर 26% बढ़कर रिकॉर्ड 5,593 मिलियन यूनिट (MU) रही। पहली छमाही में सेल्स 32% बढ़कर 10,817 MU हो गई। मीनाक्षी एनर्जी (Meenakshi Energy) के प्रदर्शन में सुधार ने भी ग्रोथ को सहारा दिया। तलवंडी साबो प्लांट (Talwandi Sabo Plant) की अवेविलिटी 83% रही, जो 80% के नॉर्मेटिव बेंचमार्क (Normative Benchmark) से ऊपर है।
SS वेल्थस्ट्रीट (SS WealthStreet) की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने वेदांता पावर को अपनी पसंद बताया है। उनके अनुसार बिजली की बढ़ती डिमांड और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर (Energy Infrastructure) पर सरकार के फोकस से सेक्टर का लॉन्ग-टर्म आउटलुक पॉजिटिव है। टेक्निकल लेवल पर ₹30 का सपोर्ट अहम है। अगर शेयर साप्ताहिक आधार पर इस लेवल के ऊपर बना रहता है, तो रिकवरी की संभावना बन सकती है। वहीं, ₹35 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट आने पर ₹48–50 का जोन मिडियम टर्म में देखा जा सकता है।
ऑयल & गैस और आयरन-स्टील में चुनौतियां
वेदांता के ऑयल & गैस कारोबार में स्थिति उतनी मजबूत नहीं रही। Q2 में डेली ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 19% घटकर 72.2 kboepd रह गया। ऐसे मेच्योर फील्ड में प्रोडक्शन गिरने के बीच नए रिजर्व या बड़ी एक्सप्लोरेशन डिस्कवरी नहीं होने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का रिटर्न चुनौती बन सकता है। आयरन & स्टील कारोबार में भी कर्नाटक आयरन ओर प्रोडक्शन (Karnataka Iron Ore Production) में 49% गिरावट ने कुल सेलेएबल ओर (Saleable Ore) पर दबाव डाला।
कौन सा वेदांता स्टॉक बेहतर?
अगर मल्टी-ईयर कैपिटल एप्रिसिएशन (Multi-Year Capital Appreciation) प्राथमिकता है, तो सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक वेदांता एल्युमीनियम (Vedanta Aluminium) को स्केल और मार्जिन इंटीग्रेशन के कारण प्राथमिकता दी जा सकती है। वहीं, कंजर्वेशन इंवेस्टर्स के लिए हिंदुस्तान जिंक बेहतर विकल्प माना गया है, खासकर डिविडेंड और फ्री कैश फ्लो को देखते हुए। दूसरी तरफ सुगंधा सचदेवा (Sugandha Sachdeva) ने मजबूत पावर सेल्स और सेक्टर आउटलुक (Sector Outlook) को देखते हुए वेदांता पावर (Vedanta Power) को अपनी पसंद बताया है।
डिस्क्लेमर- शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशकों को अपनी रिस्क एपेटाइट (Risk Appetite) और इंवेस्टमेंट गोल (Investment Goal) के हिसाब से चुनाव करना चाहिए। यह किसी एक शेयर को खरीदने की व्यक्तिगत सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN




