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फेक क्लेम पर इनकम टैक्स की नजर, 1.25 करोड़ ने सुधारीं ITR की गलतियां

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सरकार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि आयकर विभाग के तकनीक-आधारित NUDGE अभियान की बदौलत पिछले दो वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26) में 1.25 करोड़ टैक्सपेयर्स ने अपने आयकर रिटर्न (ITR) में संशोधन या अपडेट किया है। इससे टैक्स रेवेन्यू में 9,494 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि हुई है।

‘NUDGE’ अभियान क्या है?

NUDGE का पूरा नाम है Non-intrusive Usage of Data to Guide and Enable यह आयकर विभाग की एक नई पहल है, जो करदाताओं को उनकी गलतियां सुधारने के लिए प्रेरित करती है, बिना किसी कठोर कार्रवाई के। इस अभियान को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने शुरू किया है।

कैसे काम करता है नड्ज अभियान?

  • यह अभियान डेटा एनालिटिक्स, व्यवहारिक अध्ययन और डिजिटल कम्युनिकेश का इस्तेमाल करता है।
  • इसके जरिए उन करदाताओं की पहचान की जाती है, जिनके रिटर्न में कम आय दिखाना, संपत्ति छिपाना या अधिक कटौती का दावा करना जैसी विसंगतियां हो सकती हैं।
  • विभाग तुरंत जांच शुरू नहीं करता, बल्कि करदाता को संदेश भेजकर उससे अपने रिटर्न की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर उसे सुधारने को कहता है।
  • यह तरीका करदाताओं को स्वेच्छा से कर चुकाने के लिए प्रोत्साहित करता है, क्योंकि सख्त कार्रवाई से पहले उन्हें गलती सुधारने का मौका दिया जाता है।

विभाग की 7-स्टेप्स की रणनीति

यह अभियान CBDT की SAKSHAM रूपरेखा के तहत चलता है, जिसमें 7 चरण शामिल हैं जैसे, डेटा कलेक्शन, रिस्क एनालिसिस, टार्गेटेड कम्युनिकेशन, करदाता सहायता, पारदर्शिता और निरंतर मूल्यांकन। इसके अलावा, विभाग देशभर में नियोक्ताओं के साथ जागरूकता कार्यक्रम भी चलाता है, ताकि करदाता संशोधित, विलंबित या अपडेटेड रिटर्न दाखिल करके अपनी गलतियां सुधार सकें।

फेक क्लेम पर नजर

सरकार ने संसद को यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में आयकर विभाग ने गलत टैक्स रिबेट्स और अवास्तविक कटौती के कई मामलों का पता लगाया है। ये मामले डेटा एनालिटिक्स, सत्यापन अभ्यास और तलाशी-छापेमारी अभियानों के जरिए सामने आए हैं।

विभाग ने ऐसे मामलों में शामिल मिडिएटर्स जैसे टैक्स रिटर्न तैयार करने वाले और चार्टर्ड अकाउंटेंट की पहचान की है। जहां आवश्यक हुआ, वहां आकलन, पुनर्मूल्यांकन, दंड और अभियोजन की कार्रवाई भी की गई है। ऐसे मामलों में शामिल पेशेवरों की सूचना भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान (ICAI) जैसी नियामक संस्थाओं को भी दी गई है।

क्यों है यह अभियान खास?

नड्ज अभियान कर विभाग की पुरानी सोच में बदलाव दिखाता है – पहले विभाग कर चोरी पकड़े जाने के बाद कार्रवाई करता था, लेकिन अब वह तकनीक की मदद से करदाताओं को पहले ही सचेत कर रहा है, ताकि वे खुद अपनी गलतियां सुधारें। यह कदम कर अनुपालन बढ़ाने और करदाताओं में विश्वास पैदा करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN