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24 घंटे में आ रहा है टैक्स रिफंड फिर आपका क्यों अटक गया? कारणों को समझें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मनोज झा जी ने 31 जुलाई को ITR फाइल किया और उन्हें 24 घंटे के अंदर ही रिफंड मिल गया। अगर आपको ITR भरे कई दिन हो गए तो आपके लिए यह जानना सबसे जरूरी है कि रिफंड अटका कहां है। इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट के e-Filing पोर्टल पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार 4 अगस्त तक 6 करोड़ से अधिक रिटर्न फाइल हो चुके थे। इनमें से 5.65 करोड़ से अधिक ITR वेरिफाई और 3.63 करोड़ से अधिक प्रोसेस हो चुके थे। जाहिर है बड़ी संख्या में रिफंड भी जारी हो गए होंगे, लेकिन कुछ लोगों को रिफंड अबतक नहीं आया होगा।

रिफंड न आने के कारण

सीए संतोष मिश्रा बताते हैं कि आयकर विभाग से होने वाला रिफंड कई बार आपके बैंक खाते में आने में फेल हो सकता है। यह विफलता बैंक खाते के डिटेल्स, खाते की स्थिति या सत्यापन में मेल न खाने की वजह से हो सकती है। इसके कुछ सामान्य कारणों में जैसे…

  • गलत बैंक अकाउंट नंबर, पैन का निष्क्रिय हो जाना, बैंक खाते का पूर्व-सत्यापन न करना जबकि यह एक अनिवार्य कदम है।
  • बैंक खाते में दिया गया नाम पैन कार्ड के विवरण से मेल न खाना, अमान्य आईएफएससी कोड, आईटीआर में बताए गए खाते का बंद हो जाना।
  • खाते का निष्क्रिय, बंद, फ्रोजन या निष्क्रिय अवस्था में होना, रिफंड ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खराबी या बैंक द्वारा अस्वीकार किया जाना।
  • पिछले वर्षों के बकाया टैक्स डिमांड के विरुद्ध रिफंड का समायोजन, तथा आईटीआर, टीडीएस या आय विवरण में ऐसी विसंगतियां होना, जिनके लिए और अधिक वेरिफिकेशन की आवश्यकता हो।

रिफंड मिलने में कितना समय लगता है?

भले ही आपका आईटीआर ‘प्रोसेस्ड’ हो चुका हो, फिर भी रिफंड तुरंत आपके खाते में नहीं आता। कुछ मामलों में 24 घंटे के अंदर आ जाता है तो कुछ को रिफंड आने में करीब चार से पांच सप्ताह का समय लगता है। अगर इस अवधि के भीतर रिफंड नहीं आता है, तो टैक्सपेयर को यह जांचना चाहिए कि क्या उसे अपने कर रिटर्न में मिसमैच के बारे में कोई सूचना मिली है, आयकर विभाग की ओर से ईमेल या एसएमएस अलर्ट देखना चाहिए, और आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर रिफंड की स्थिति की जांच करनी चाहिए।

रिफंड पाने के लिए जरूरी शर्तें

इनकम टैक्स रिफंड पाने के लिए करदाता को कुछ शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। आयकर विभाग रिफंड तभी जारी करता है, जब रिटर्न सही ढंग से दाखिल किया गया हो और पैन, आधार तथा ई-फाइलिंग अकाउंट डिटेल्स उचित रूप से लिंक और सक्रिय हों। इसके लिए आपके पास एक यूजर आईडी और पासवर्ड होना चाहिए, आपका पैन आधार से लिंक होना चाहिए, और आपका आईटीआर रिफंड का दावा करते हुए दाखिल किया गया होना चाहिए।

टैक्स नोटिसों की जांच करना क्यों जरूरी है?

कुछ मामलों में रिफंड आपके कर रिटर्न में असमानता के कारण नहीं आत और ऐसी स्थिति में आपको आयकर विभाग की ओर से कोई सूचना या नोटिस मिल सकता है। कर अधिकारियों द्वारा भेजे गए किसी भी संचार का तुरंत जवाब देना चाहिए। अगर करदाता टैक्स डिमांड नोटिस को स्वीकार नहीं करता या उसे पूरी तरह नहीं समझ पाता, तो इसके परिणामस्वरूप रिफंड अपने आप समायोजित हो सकता है और आगे और भी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।

इसलिए सभी टैक्सपेयर्स को अपने ई-फाइलिंग पोर्टल खाते और रजिस्टर्ड ईमेल पते की नियमित जांच करनी चाहिए, नोटिस में दिए गए डिटेल्स को वेरिफाई करना चाहिए, और समय पर उचित कदम उठाना चाहिए। साथ ही, डिमांड नोटिस मिलने पर घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि ठग इसी डर का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर स्कैम करते हैं। किसी भी संदिग्ध ईमेल लिंक या टेक्स्ट संदेश का जवाब देने से बचना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN