Source :- LIVE HINDUSTAN
घर बनवाते समय बेडरूम और किचन में पावर पॉइंट्स की सही प्लानिंग करना जरूरी है। जानिए मोबाइल चार्जिंग, एसी, फ्रिज और दूसरे अप्लायंसेज के लिए कितने सॉकेट्स रखने चाहिए, ताकि बाद में परेशानी न हो।
घर बनवाते समय हम अक्सर दीवारों के रंग, टाइल्स, लाइट्स और फर्नीचर पर खूब ध्यान देते हैं, लेकिन बिजली के सॉकेट्स की प्लानिंग करना भूल जाते हैं। जब घर में रहना शुरू करते हैं, तब कभी मोबाइल चार्ज करने के लिए सॉकेट कम पड़ता है, तो कभी किचन में मिक्सर, माइक्रोवेव और दूसरे अप्लायंसेज एक साथ इस्तेमाल करने में परेशानी होती है। ऐसे में एक्सटेंशन बोर्ड लगाने पड़ते हैं और तार भी इधर-उधर बिखरे रहते हैं। अगर आप नया घर बनवा रहे हैं या पुराने घर का रिनोवेशन करा रहे हैं, तो पहले ही तय कर लें कि बेडरूम और किचन में कितने पावर पॉइंट्स चाहिए और उन्हें कहां लगवाना सही रहेगा।
बेडरूम:
1. बेडरूम में कितने पावर पॉइंट्स रखें?
बेडरूम में मोबाइल चार्ज करने, टेबल लैंप, टीवी और एसी जैसे कई कामों के लिए बिजली के सॉकेट्स चाहिए। एक सामान्य बेडरूम में करीब 4 से 6 सामान्य सॉकेट्स और जरूरत के हिसाब से एसी के लिए अलग पावर पॉइंट रखने की प्लानिंग कर सकते हैं। सही संख्या कमरे के साइज और इस्तेमाल होने वाले सामान पर निर्भर करेगी।
2. बेड के दोनों तरफ सॉकेट्स जरूर रखें
बेड के दोनों तरफ सॉकेट्स होने से मोबाइल चार्ज करने या बेडसाइड लैंप लगाने में आसानी रहती है। अगर पति-पत्नी दोनों मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, तो दोनों तरफ एक से ज्यादा सॉकेट रखना भी काम आ सकता है। सॉकेट्स की जगह बेड और साइड टेबल की पोजिशन देखकर तय करें, ताकि फर्नीचर रखने के बाद वे छिप न जाएं।
3. एसी और टीवी के लिए अलग प्लानिंग करें
अगर बेडरूम में एसी लगवाना है, तो उसकी जगह पहले तय कर लें। एसी के लिए सही क्षमता वाला अलग पावर पॉइंट और जरूरत के हिसाब से अलग सर्किट रखें। टीवी लगाने का प्लान है, तो टीवी यूनिट के पास बिजली का सॉकेट और सेट-टॉप बॉक्स या दूसरे उपकरणों के लिए भी जगह रखें। इससे बाद में दीवार पर खुले तार नहीं दिखेंगे।
किचन:
1. किचन में कितने पावर पॉइंट्स होने चाहिए?
किचन में बेडरूम के मुकाबले ज्यादा सॉकेट्स की जरूरत पड़ सकती है, क्योंकि यहां कई अप्लायंसेज इस्तेमाल होते हैं। एक सामान्य किचन के लिए करीब 6 से 8 सॉकेट्स से शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा फ्रिज, चिमनी, माइक्रोवेव और दूसरे फिक्स्ड अप्लायंसेज के लिए अलग पॉइंट्स की जरूरत हो सकती है। सही संख्या आपके किचन के साइज और इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर निर्भर करेगी।
2. मिक्सर, माइक्रोवेव और दूसरे अप्लायंसेज के लिए जगह रखें
किचन के काउंटर पर मिक्सर, टोस्टर, इलेक्ट्रिक केतली या इंडक्शन जैसे उपकरण इस्तेमाल हो सकते हैं। इसलिए काउंटर के अलग-अलग हिस्सों में सॉकेट्स रखें, ताकि हर बार प्लग बदलने की जरूरत न पड़े। माइक्रोवेव, चिमनी, डिशवॉशर या दूसरे फिक्स्ड उपकरणों के लिए भी उनकी तय जगह के हिसाब से पॉइंट्स बनवाएं। ज्यादा बिजली लेने वाले उपकरणों के लिए सही रेटिंग वाला सॉकेट और अलग सर्किट जरूरी हो सकता है।
3. फ्रिज और आरओ के लिए अलग पॉइंट्स रखें
फ्रिज और आरओ ऐसी चीजें हैं, जिनका इस्तेमाल रोज होता है। इसलिए फ्रिज के पीछे या बगल में ऐसा सॉकेट रखें, जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से पहुंचा जा सके। आरओ के लिए भी उसकी तय जगह के पास पॉइंट बनवाएं। ध्यान रखें कि सॉकेट्स सिंक या पानी के छींटे पड़ने वाली जगह के बहुत पास न हों। इससे बिजली से जुड़ी परेशानी का खतरा कम करने में मदद मिलेगी।
इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ सॉकेट्स की संख्या तय करना काफी नहीं है, उनकी जगह और वायरिंग भी सही होनी चाहिए। बेडरूम में बेड और अलमारी की जगह पहले तय करें। किचन में कैबिनेट और काउंटर का डिजाइन देखकर पॉइंट्स बनवाएं। सभी सॉकेट्स पर सही अर्थिंग और सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए। किचन में पानी और बिजली के बीच सुरक्षित दूरी रखें। वायरिंग, सर्किट और सॉकेट्स की रेटिंग किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से तय करवाएं।
नोट: बेडरूम और किचन में पावर पॉइंट्स की कोई एक संख्या हर घर के लिए सही नहीं होती। घर का डिजाइन, उपकरणों की संख्या और इस्तेमाल के तरीके के हिसाब से प्लानिंग करें। वायरिंग और सुरक्षा के लिए भारतीय मानकों के मुताबिक काम करवाएं।
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