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ऑटो-कट के बाद पेट्रोल भरवाना चाहिए या नहीं? जानें क्या है सही तरीका

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाते समय क्या ऑटो-कट होने के बाद भी टंकी फुल करवानी चाहिए? जानिए ऐसा करने से गाड़ी को क्या नुकसान हो सकता है और फ्यूल भरवाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

जब भी हम पेट्रोल पंप पर गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जाते हैं, तो अक्सर टंकी फुल करवाना पसंद करते हैं। फ्यूल भरते समय मशीन अपने आप रुक जाती है, जिसे ऑटो-कट कहते हैं। लेकिन कई बार लोग इसके बाद भी थोड़ा और पेट्रोल या डीजल भरने की कोशिश करते हैं, ताकि टंकी पूरी तरह भर जाए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ऑटो-कट के बाद फ्यूल भरवाना सही है? क्या इससे गाड़ी की टंकी या दूसरे पार्ट्स को नुकसान हो सकता है? अगर आप भी अब तक ऐसा करते आए हैं, तो फ्यूल भरवाने से जुड़ी ये जरूरी बातें जान लीजिए।

क्या होता है ऑटो-कट?

पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरने वाली नोजल में एक खास सिस्टम होता है, जो टंकी में फ्यूल एक तय लेवल तक पहुंचने पर सप्लाई रोक देता है। इसी को ऑटो-कट कहते हैं। यह सिस्टम टंकी को जरूरत से ज्यादा भरने से बचाने में मदद करता है। ऑटो-कट होने का मतलब है कि अब नोजल से फ्यूल भरना रोक देना चाहिए। इसके बाद बार-बार ट्रिगर दबाकर फ्यूल भरवाने की कोशिश करना सही आदत नहीं है।

ऑटो-कट के बाद फ्यूल भरवाना क्यों नहीं चाहिए?

ऑटो-कट के बाद भी फ्यूल भरवाने से टंकी में पेट्रोल या डीजल के फैलने के लिए जरूरी खाली जगह कम हो सकती है। गाड़ी में फ्यूल के साथ थोड़ी जगह खाली रखना भी जरूरी होता है, क्योंकि तापमान बढ़ने पर फ्यूल फैल सकता है। अगर टंकी को जरूरत से ज्यादा भर दिया जाए, तो फ्यूल बाहर छलक सकता है या गाड़ी के फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है। इसलिए ऑटो-कट होने के बाद दोबारा फ्यूल भरवाने से बचना चाहिए।

क्या इससे गाड़ी के इंजन को नुकसान होता है?

ऑटो-कट के बाद फ्यूल भरवाने से हर बार सीधे इंजन खराब हो जाए, ऐसा नहीं है। लेकिन बार-बार टंकी को जरूरत से ज्यादा भरने पर गाड़ी के कुछ दूसरे पार्ट्स पर असर पड़ सकता है। खासकर पेट्रोल वाली गाड़ियों में फ्यूल की भाप को संभालने के लिए एक खास सिस्टम होता है। टंकी को जरूरत से ज्यादा भरने पर उसमें लिक्विड फ्यूल पहुंच सकता है, जिससे सिस्टम के कुछ पार्ट्स खराब हो सकते हैं। इससे गाड़ी में परेशानी आ सकती है और मरम्मत पर खर्च भी बढ़ सकता है।

पेट्रोल भरवाते समय किन बातों का ध्यान रखें?

फ्यूल भरवाते समय नोजल को सही तरीके से लगाने दें और ऑटो-कट होते ही कर्मचारी से फ्यूल भरना रोकने को कहें। सिर्फ टंकी पूरी तरह भरने के लिए बार-बार ट्रिगर दबाने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, फ्यूल भरवाते समय गाड़ी का इंजन बंद रखें।

क्या टंकी हमेशा फुल रखनी चाहिए?

टंकी फुल करवाना अपने आप में गलत नहीं है। आप चाहें तो पेट्रोल या डीजल भरवाते समय टंकी फुल करवा सकते हैं, लेकिन ऑटो-कट होने के बाद फ्यूल को और ऊपर तक भरवाने की कोशिश न करें। अगर आप रोज गाड़ी चलाते हैं या लंबी दूरी पर जा रहे हैं, तो जरूरत के हिसाब से फ्यूल भरवाना ठीक है। बस ध्यान रखें कि टंकी को उसकी तय सीमा से ज्यादा न भरवाएं।

फ्यूल भरवाने के बाद मीटर भी चेक करें

पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवाने के बाद सिर्फ बिल देखकर आगे न बढ़ें। एक बार मशीन पर दिख रही मात्रा और बिल में लिखी मात्रा को जरूर मिला लें। अगर आपको लगता है कि फ्यूल कम भरा गया है या मीटर की रीडिंग में कुछ गड़बड़ है, तो वहीं कर्मचारी से बात करें। इसके अलावा, फ्यूल भरवाने से पहले मीटर जीरो पर है या नहीं, यह भी देख लें। इससे आपको पता रहेगा कि मशीन की रीडिंग सही तरीके से शुरू हुई है।

फ्यूल भरवाते समय याद रखें

ऑटो-कट गाड़ी में फ्यूल भरते समय एक जरूरी संकेत है। इसके बाद दोबारा फ्यूल भरवाने से बचें। इससे फ्यूल छलकने का खतरा कम होता है और गाड़ी के फ्यूल सिस्टम को भी सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। अगली बार पेट्रोल पंप पर जाएं, तो टंकी फुल करवाने के चक्कर में ऑटो-कट को इग्नोर न करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN